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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
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पौड़ी गढ़वाल: अपने 4 साल के भाई को बचाने के लिए गुलदार से भिड़ने वाली 11 साल की राखी की हर तरफ सराहना हो रही है। बच्ची की बहादुरी के कारनामे अखबारों की सुर्खियां बने हुए हैं। सोशल मीडिया पर भी राखी के बहादुरी को सराहा गया। पौड़ी प्रशासन ने राखी का नाम वीरता पुरस्कार के लिए भेजा है तो वहीं गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह भी बच्ची की बहादुरी से प्रभावित नजर आए। उन्होंने कहा कि अपने छोटे भाई को बचाने के लिए राखी जो किया है, वो वाकई काबिल-ए-तारीफ है। ऐसा करने के लिए बहुत हिम्मत की जरूरत होती है। गुलदार से भिड़ने वाली राखी दूसरे बच्चों के लिए प्रेरणास्त्रोत है, राखी को उसकी बहादुरी के लिए पुरस्कृत किया जाएगा। आपको बता दें कि बीते 4 अक्टूबर को पौड़ी के देवकुंडाई गांव में रहने वाली राखी अपने छोटे भाई को बचाने के लिए गुलदार से भिड़ गई थी। देवकुंडाई गांव बीरोंखाल ब्लॉक में पड़ता है। घटना के वक्त 11 साल की राखी अपने 4 साल के भाई संग खेत से लौट रही थी, तभी गुलदार ने राखी के भाई पर हमला कर दिया। ऐसे वक्त में डरने की बजाय राखी गुलदार से भिड़ गई। गुलदार के हमले में राखी बुरी तरह घायल हुई थी। अलग-अलग अस्पतालों में इलाज कराने के बाद राखी को दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया। अब राखी की हालत में सुधार है। गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत ने भी राखी की खूब तारीफ की। उन्होंने कहा कि राखी ने अपने भाई को गुलदार के मुंह से बचाकर साहस का परिचय दिया है। राखी को सरकार की तरफ से वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। दूसरे बच्चों को भी राखी से सीख लेनी चाहिए।
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