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पौड़ी गढ़वाल: पौड़ी के सुदूरवर्ती गांव की बेटी कुमकुम को एक दिन के लिए न्यूजीलैंड की उच्चायुक्त बनने का मौका मिला। कुमकुम के लिए ये दिन बेहद खास था। बतौर उच्चायुक्त कुमकुम ने दूतावास के अधिकारियों संग बैठक की, दुनिया में लैंगिक समानता को लेकर मंथन किया। 11 अक्टूबर के दिन को वैश्विक तौर पर अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इस साल अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस पर पौड़ी की कुमकुम को एक दिन के लिए न्यूजीलैंड का उच्चायुक्त बनाया गया। 11 अक्टूबर को कुमकुम सुबह 9 बजे नई दिल्ली स्थित न्यूजीलैंड के उच्चायोग पहुंची और कार्यभार ग्रहण किया। उन्होंने उच्चायोग के अधिकारियों-कर्मचारियों से मुलाकात की। मीटिंग के बाद उन्होंने उच्चायोग की तरफ से संचालित स्कूल का दौरा किया। दोपहर तीन बजे कुमकुम ने कार्यभार विधिवत लौटा दिया। चलिए अब आपको पहाड़ की इस होनहार बेटी के बारे में बताते हैं। पौड़ी जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है भटी गांव, कुमकुम पंत इसी गांव में रहती हैं। वो 12वीं की छात्रा हैं। कुमकुम भुवनेश्वरी महिला आश्रम नाम के एनजीओ से जुड़ी हैं। इस एनजीओ से जुड़ी 34 लड़कियों को अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। कुमकुम को न्यूजीलैंड के उच्चायुक्त की जिम्मेदारी मिली। कुमकुम के पिता विपिन पंत शिक्षक हैं, माता पूनम पंत गृहणी है। दिल्ली से लौटी कुमकुम पंत ने अपने अनुभव को शानदार बताया। वो जीव विज्ञान की प्रोफेसर बनना चाहती हैं। कुमकुम ने कहा कि बतौर उच्चायुक्त मेरा फोकस लैंगिक समानता पर रहा। इस अवसर को पाकर मैं खुद को गौरवान्वित महसूस कर रही हूं।
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