उत्तराखंड: चीन सीमा से लगी नेलांग घाटी में बनेंगे होम स्टे, पर्यटक लेंगे नए रोमांच का मजा

नेलांग घाटी एक बार फिर से आबाद होने वाली है, यहां होम स्टे बनेंगे, जिससे ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी...
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Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.

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nelang valley: Home stay will built in nelang valley near indo-china border
Image: Home stay will built in nelang valley near indo-china border

उत्तरकाशी: चीन सीमा से सटी नेलांग घाटी जल्द ही पर्यटक क्षेत्र के तौर पर जानी जाएगी। यहां होम स्टे बनेंगे, पर्यटक यहां घूमने आएंगे। इससे क्षेत्र में रोजगार के अवसर तो बढ़ेंगे ही, साथ ही कई दशक से खाली पड़े नेलांग और जाढूंग गांव एक बार फिर से आबाद हो जाएंगे। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने नेलांग वैली के वाशिंदों के लिए होम स्टे योजना को प्रोत्साहित करने की घोषणा की है। होम स्टे से ग्रामीणो की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। साथ ही देश की सीमाओं को भी मजबूती मिलेगी। प्रदेश सरकार का ये फैसला क्यों महत्वपूर्ण है ये भी आपको बताते हैं। बात साल 1960 की है। भारत-चीन के युद्ध से पहले तनावपूर्ण हालात को देखते हुए सीमावर्ती गांव नेलांग और जाढूंग को खाली करा दिया गया था। यहां के ग्रामीणों को बगोरी शिफ्ट किया गया।

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तब से आधी सदी गुजर गई लेकिन नेलांग के लोगों को मुआवजा नहीं मिला। गुरुवार को एप्पल फेस्टिवल में हिस्सा लेने हर्षिल पहुंचे सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस क्षेत्र के लिए कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के किसानों को हर सुविधा दी जाएगी। उन्होंने सीमावर्ती किसानों के लिए अलग से किसान फंड बनाने की घोषणा भी की। साथ ही चीन सीमा से लगे भटवाड़ी, धारचुला, मुनस्यारी एवं जोशीमठ विकासखंड के लिए स्टेट एरिया डेवलपमेंट योजना लागू करने की घोषणा की। क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नेलांग से तीस किलोमीटर आगे तक का एरिया पर्यटकों के लिए खोला जाएगा। ग्रामीणों के घर बनाने के लिए अलग से फंड की व्यवस्था भी की जाएगी।