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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
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देहरादून: पहाड़ में गुलदार-हाथियों के अलावा बंदर भी आतंक का सबब बने हुए हैं। बंदर लोगों पर हमला करते हैं, फसल को नुकसान भी पहुंचाते हैं। वन विभाग ने बंदरों की संख्या को काबू में रखने के लिए कई योजनाएं भी चलाईं, पर नतीजा कुछ नहीं निकला। अब बंदरों का आतंक खत्म करने के लिए उन्हें बाड़े में रखने की योजना बनाई जा रही है। उत्तराखंड में दो बंदरबाड़े बनेंगे, जिनमें 25-25 हजार बंदरों को रखने की क्षमता होगी। बंदरबाड़ा सौ हेक्टेयर भूमि में बनेगा। सौ-सौ हेक्टेयर वाले इन बाड़ों में से एक कुमाऊं और एक गढ़वाल में स्थापित किया जाएगा। सचिवालय में हुई राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गई है। बैठक में बोर्ड ने बंदरों को पीड़क (वर्मिन) घोषित करने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने की भी सहमति दी। बोर्ड ने माना कि पहाड़ में बंदर आतंक का सबब बने हुए हैं। बंदरों के आतंक की वजह से लोग खेती छोड़ रहे हैं। बंदर खड़ी फसल को नष्ट कर देते हैं।