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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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देहरादून: देहरादून में त्रिवेन्द्र कैबिनेट की बैठक खत्म हो गई। बैठक में 36 प्रस्ताव आए थे जिसमें से 35 पर सहमति बनी है। हम आपको एक एक करके बता रहे हैं कि आखिर किन किन प्रस्तावों पर मंजूरी बनी है।
बैठक में हरीश रावत सरकार में केदारनाथ पर बनी फिल्म के बकाया भुगतान को मंजूरी दी गई। जिसमें कैलाश खैर को सरकार एक करोड़ 67 लाख का भुगतान करेगी। कैलाश खैर ने इस पर एपिसोड तैयार किया था।
2020 वेलनेस समिट का आयोजन को हरी झंडी। इस समिट का आयोजन देहरादून में होगा जिसमें प्रधानमंत्री मोदी शिरकत करेंगे। बताया जा रहा है कि करीब 25 करोड़ रूपये से वेलनेस समिट होगी।
4 शूगर चीनी मिल का एक प्रतिशत टैक्स माफ किया गया।
परेड ग्राउंड के पास नजूल भूमि पर 3 हजार वर्ग मीटर पर दून लाईब्रेरी बनाने की सहमति।
भूतपूर्व मुख्यमंत्रियों को मिलने वाली सुविधाओं के नाम पर मुख्यमंत्रियों से 25 प्रतिशत ज्यादा बकाया लिया जाएगा। हाईकोर्ट के निर्णय के आधार पर तय भुगतान से कम भुगतान पूर्व मुख्यमंत्री करेंगे।
हाईस्पीड डीजल के 20 साल के लिए लाईसेंस मिलेगा।
उत्तराखंड श्राइन बोर्ड 2019 को मंजूरी मिली।
उत्तराखंड चार धाम बोर्ड विधेयक में 51 मंदिर शामिल।
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद विधेयक में संसोधन
उत्तराखंड पंचायत राज अधिनियम संसोधन 2019 को मंजूरी,उत्तराखंड कैबिनेट मंत्री खुद चुकायेंगे इनकम टैक्स।
उत्तराखंड में 19 आईआईटी का विलय
बंद पड़ी गदरपुर और सितारगंज चीनी मिल में से एक मिल को शुरु किया जाएगा। सरकार भूमि उपयोग कर दोनों मिलों का बकाया चुकायेगी।
उत्तराखंड मदरसा आधुनिकीकरण बोर्ड की नियमावली को मंजूरी
कम छात्र संख्या वाले बंद किए गए स्कूलों में आंगनबाड़ी केंद्र चलाने को मंजूरी। जी हां 301 बंद पड़े विद्यालयों में आंगनबाड़ी केंद्र चलेंगे। छात्रों को मील में 2 अंडे और दो केले मिलेंगे।
भवनहीन विद्यालयों में बैम्बू भवन बनाने को मिली हरी झंडी, 5000 से ज्यादा भवनहीन और जर्जर विद्यालयों में बैम्बो भवन बनेंगे।
इसके साथ कई अन्य मामलों को कैबिनेट ने मंजूरी दी। विधानसभा सत्र के चलते कैबिनेट ब्रीफिंग नहीं हो पाई।
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