योगनगरी ऋषिकेश अब स्मार्ट सिटी के तौर पर जाना जाएगा, स्मार्ट सिटी परियोजना में ऋषिकेश को भी शामिल किया गया है...
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कोमल नेगी
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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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Image: Rishikesh included in 2800 crore rupees smart city scheme in Uttarakhand
हरिद्वार: तीर्थनगरी ऋषिकेश को स्मार्ट सिटी के तौर पर डेवलप किया जाएगा। स्मार्ट सिटी परियोजना में ऋषिकेश को भी शामिल किया गया है। क्षेत्र के विकास के लिहाज से ये महत्वपूर्ण कदम है। तीर्थनगरी ऋषिकेश योग की अंतरराष्ट्रीय राजधानी के तौर पर जानी जाती है, अब ये शहर स्मार्ट सिटी के तौर पर विकसित होगा। परियोजना के तहत ऋषिकेश के लिए 2800 करोड़ का बजट जारी हुआ है। जिससे शहर का पूरी तरह कायाकल्प किया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने ये जानकारी एक बैठक में दी। विधानसभा क्षेत्र में नगरीय सुधार को लेकर बैठक बुलाई गई थी, जिसमें विभागीय अधिकारियों ने प्रस्तावित योजना की प्लानिंग पर चर्चा की। चलिए अब आपको ये बताते हैं कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत ऋषिकेश में क्या-क्या काम होंगे। ऋषिकेश के शहरी क्षेत्र के साथ-साथ मुनिकीरेती, लक्ष्मण झूला और अन्य क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा।
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प्रोजेक्ट का काम दो चरण में होगा। शहरी क्षेत्र के लोगों को पानी की किल्लत से निजात मिलेगी। क्षेत्र में 24 घंटे पेयजल आपूर्ति की जाएगी। गंगा किनारे नए घाटों का निर्माण होगा, उन्हें सजाया-संवारा जाएगा। पानी की निकासी के लिए सड़क किनारे नालों का निर्माण होगा। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए योग सेंटर और मेडिटेशन पार्क बनेंगे। भारतीय संस्कृति पर आधारित म्यूजिम बनाया जाएगा। इसेक साथ ही सड़क-परिवहन, बस स्टॉप, पार्किंग फुटपाथ जैसी सुविधाओं को भी मजबूत किया जाएगा। सार्वजनिक परिवहन, मजबूत आईटी कनेक्टिविटी और डिजिटलीकरण, सुशासन, विशेष रूप से ई गवर्नेस और सार्वजनिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था में जबर्दस्त सुधार होगा। शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट बैंक (शंघाई) 2800 करोड़ रुपये का लोन देगा। प्रस्ताव को नीति आयोग और दूसरे विभागों की मंजूरी मिल गई है। शासन स्तर पर डीपीआर तैयार करने को लेकर भी जल्द ही फैसला लिया जाएगा। ऋषिकेश के स्मार्ट सिटी परियोजना में शामिल होने से इस क्षेत्र को योग, अध्यात्म और पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।