जय देवभूमि..एक ही परिवार के तीन बेटे आर्मी, नेवी और एयरफोर्स में अफसर

सबसे पहले इस परिवार के सबसे छोटे बेटे सानंद को शुभकामनाएं..वो अब भारतीय वायुसेना में अफसर बनने वाले हैं।
Advertisement Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of

Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.

Example Ads Media
उत्तराखंड न्यूज: Pauri garhwal one family three son in army navy and airforce
Image: Pauri garhwal one family three son in army navy and airforce

पौड़ी गढ़वाल: तेरा गौरव अमर रहे मां हम दिन-चार रहें ना रहें। मातृभूमि के की रक्षा के प्रति अगर किसी के दिल में सबसे ज्यादा जोश और उबाल है, तो शायद पहले नंबर वो उत्तराखंड के युवाओं का नाम होगा। आज देश ये सोचने पर मजबूर है कि जाने किस मिट्टी के बने हैं पहाड़ के युवा? आंखों में देश के लिए प्यार, दिमाग में दुश्मन को मात देने का जुनून और दिल में अपने घर परिवार की यादें बसाए ये युवा देश की सरहदों पर तैनात रहते हैं। बिना शक के कहा जा सकता है कि आज देश की सेना में सबसे ज्यादा युवा उत्तराखंड से हैं। इससे बड़ी बात क्या होगी कि एक ही परिवार के तीन बेटे आर्मी, नेवी और एयरफोर्स में अफसर हैं। हाल ही में एनडीए यानी नेशनल डिफेंस एकेडमी में पासिंग आउट परेड हुई। इस पासिंग आउट परेड में कुछ खास था। पहाड़ के एक परिवार के तीन बेटों ने साबित कर दिखाया कि देशसेवा और देशप्रेम का जुनून क्या होता है। यकीन मानिए पासिंग आउट परेड में पहाड़ के एक ही परिवार के तीन युवाओं पर देशभर की नज़रें टिकी रहीं।

यह भी पढ़ें - देहरादून से लालकुआं आ रही युवती के साथ दुष्कर्म, पड़ोसी पर रेप का आरोप
पौड़ी गढ़वाल जिले के बीएसएफ कमांडेंट महाबीर प्रसाद का सीना गर्व से चौड़ा हो गया था। उनके बेटे सानंद ने एनडीए से पास आउट किया और अब वो इंडियन एयरफोर्स एकेडमी हैदराबाद जॉइन करेंगे। खास बात ये है कि सानंद के पिता महाबीर प्रसाद खुद बीएसएफ में कमांडेंट हैं। उनका सबसे बड़ा बेटा अमित इंडियन नेवी में अफसर है। इसके अलावा उनका मंझला बेटा शुभम आईएमए से पास आउट होकर भारतीय सेना में अफसर है। गर्व की बात है कि महाबीर प्रसाद का तीसरा बेटा एयरफोर्स में शामिल होकर देशसेवा करेगा। गर्व की बात ये है कि उनके पिता खुद बीएसएफ में कमांडेंट हैं और ग्वालियर में तैनात हैं। इस परिवार में पहले से ही अनुशासन का माहौल रहा था। पिता कमांटेंड थे और बड़ा भाई नेवी में अफसर और दूसरा भाई आर्मी में अफसर बना तो सबसे छोटे बेटे सानंद के दिल में देश की सेवा करने का जुनून उबाल मारने लगा था। इसके लिए उन्होंने जी तोड़ तैयारी की और आज इस मुकाम पर हैं। धन्य है पहाड़ का ये परिवार