Advertisement
ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
चमोली: कंडाली और भांग...ये दोनों ही पौधे पहाड़ में बहुत बदनाम हैं। कंडाली खरपतवार की तरह हर जगह फैली नजर आती है। भांग नशे के लिए बदनाम है, पर चमोली में कंडाली और भांग के रेशे का ऐसा बढ़िया इस्तेमाल हो रहा है, कि आप भी इस पहल की तारीफ किए बिना नहीं रह पाएंगे। चमोली में कंडाली और भांग के रेशे से कपड़े तैयार हो रहे हैं। इस कपड़े से जैकेट और मफलर बनते हैं, जिनकी बाजार में बहुत डिमांड है। भांग और कंडाली के रेशे से कपड़े बनाने का श्रेय जाता है यहां के होनहार युवा पुष्कर सिंह को। जिन्होंने बेकार समझे जाने वाले इन पौधों को आमदनी का जरिया बना लिया है। कंडाली और भांग का ऐसा बढ़िया इस्तेमाल भी हो सकता है, ये पहले किसी ने नहीं सोचा था। घाट विकासखंड में राजबगठी ग्रामसभा में एक गांव है गंगतोली, पुष्कर सिंह इसी गांव में रहते हैं।