सरकार की कोशिशें रंग लाईं तो खाली हो चुके गांवों में एक बार फिर से रौनक लौट आएगी...
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कोमल नेगी
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Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
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Image: Government launched scheme to stop migration in uttarakhand
देहरादून: पलायन से खाली हो चुके गांव एक बार फिर आबाद होंगे। उत्तराखंड सरकार ने कोशिशें शुरू कर दी हैं, जिन गांवों से लगातार पलायन हो रहा है, अब उन गांवों का कायाकल्प किया जाएगा। पलायन की वजह जानकर, समस्या के निराकरण के लिए प्रयास होंगे। पहाड़ के गांवों की हालत क्या है, ये तो आप जानते ही हैं। सरकार की कोशिशें रंग लाईं तो खाली हो चुके गांवों में एक बार फिर से रौनक लौट आएगी। योजना के मुताबिक सरकार पहले उन गांवों पर फोकस करेगी, जहां पचास फीसदी से ज्यादा पलायन हो चुका है। उत्तराखंड में ऐसे गांवों की संख्या 534 है। योजना के पहले फेज में 100 गांवों का कायाकल्प किया जाएगा। काम को पूरा करने के लिए एक साल का लक्ष्य रखा गया है, जैसे ही 100 गांवों में पलायन रुकेगा, बाकि के गांवों में भी काम शुरू कर दिया जाएगा। पलायन आयोग ने जो रिपोर्ट शासन को सौंपी है, उसमें पलायन की वजहों का खुलासा किया गया है।
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शासन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए गांवों को संवारने का बीड़ा उठाया है। नीति आयोग के सदस्य प्रो. रमेश चंद्र पलायन पर मंथन के लिए 19 दिसंबर को देहरादून आने वाले हैं। जहां सचिवालय में होने वाली बैठक में पलायन रोकने की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उत्तराखंड में पलायन कितनी गंभीर समस्या है इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि यहां पलायन रोकने के लिए बकायदा एक आयोग का गठन किया गया है। उत्तराखंड पलायन आयोग का गठन करने वाला देश का पहला राज्य है। उम्मीद है पलायन रोकने के लिए अब प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल सरकार का फोकस उन गांवों पर हैं, जहां साल 2011 के बाद से आबादी 50 फीसदी तक कम हुई है। एक साल में 100 गांवों की स्थिति को बेहतर बनाया जाएगा। बाद में पहाड़ के दूसरे खाली गांवों को आबाद करने की पहल होगी। उत्तराखंड सरकार की ये पहल स्वागत योग्य है, उम्मीद है जल्द ही पहाड़ के खाली गांव एक बार फिर से आबाद हो जाएंगे, बंजर खेतों में हरियाली लौट आएगी, हर हाथ में रोजगार होगा। योजना पर काम शुरू हो गया है, इसके अच्छे नतीजे देखने के लिए हमें थोड़ा इंतजार और करना होगा।