देहरादून स्मार्ट सिटी प्रोजक्ट से जुड़ी अच्छी खबर, 1461 करोड़ की लागत से होंगे ये बड़े काम

स्मार्ट सिटी परियोजना में अब तक सिर्फ देहरादून शहर शामिल था, पर अब देहरादून के दूसरे हिस्सों को भी प्रोजेक्ट में शामिल कर लिया गया है
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Dehradun: Dehradun smart city project gets budget
Image: Dehradun smart city project gets budget

देहरादून: देहरादून शहर जल्द ही स्मार्ट सिटी के तौर पर जाना जाएगा। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत देहरादून और उसके आस-पास के क्षेत्र को विकसित किया जाएगा। देहरादून में 61.10 किलोमीटर लंबी 11 सड़कों को स्मार्ट बनाया जाएगा। जिसमें अब मसूरी की माल रोड को भी शामिल कर लिया गया है। सड़कों के स्मार्ट रोड बनने से ये फायदा होगा कि सड़कें बार-बार क्षतिग्रस्त नहीं होंगी। इन्हें बार-बार खोदने की जरूरत नहीं पड़ेगी। स्मार्ट सिटी परियोजना में अब तक सिर्फ देहरादून शहर शामिल था, पर अब देहरादून के दूसरे हिस्सों को भी प्रोजेक्ट में शामिल कर लिया गया है। जिसके लिए केंद्र सरकार ने 1461 करोड़ की देहरादून स्मार्ट सिटी परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के लिए एशियाई इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट बैंक(एआईआईबी) से 1168.87 करोड़ की एक्सट्रनल ग्रांट भी स्वीकृत हो गई है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने केंद्र सरकार के पूरे देहरादून को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल किए जाने के फैसले पर खुशी जताई।

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जो बजट स्वीकृत हुआ है उससे सड़कें स्मार्ट होंगी, पब्लिक ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर होगा। परियोजना में 1338 करोड़ की लागत से स्मार्ट रोड का निर्माण किया जाएगा। स्मार्ट रोड का मतलब क्या है, ये भी जान लें। इसके तहत सड़कों के किनारे स्ट्रीट लाइट लगाई जाएंगी। ड्रेनेज, सीवरेज, जलापूर्ति और मल्टीयूटिलिटी डक जैसे काम किए जाएंगे। 123 करोड़ की लागत से 100 स्मार्ट बसों को ग्रोस कोस्ट कान्ट्रेक्ट(जीसीसी) मोड पर संचालित किया जाएगा। इससे पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवाएं बेहतर होंगी। लोगों को बेहतर ट्रांसपोर्ट सेवा मिलेगी। स्मार्ट रोड पर इलेक्ट्रिक बसों का संचालन होगा, जिनका कन्सेशन पीरियड करीब 10 साल रखा जाएगा। आपको बता दें कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत देश के 100 शहरों को चुना गया है। इनमें देहरादून ऐसा पहला स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट है, जिसे एआईआईबी से एक्सट्रनल ग्रांट मिली है। प्रदेश सरकार ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 1461.09 करोड़ का प्रस्ताव केंद्र को भेजा था, जिसके लिए एआईआईबी ने एक्सट्रनल ग्रांट स्वीकृत कर दी है।