पहाड़ में खूंखार गुलदार का आतंक, बकरी चराने गयी महिला पर जानलेवा हमला

गुलदार के हमले में घायल महिला को परिजन अस्पताल लेकर गए, लेकिन वहां एंटी रैबीज टीका नहीं मिला, बाद में निजी अस्पताल में टीका लगवाना पड़ा...
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बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।

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Leopard attack: Leopard attacked on women in kamad village
Image: Leopard attacked on women in kamad village

पिथौरागढ़: पहाड़ में नरभक्षी गुलदार आतंक का सबब बने हुए हैं। गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक ऐसा कोई जिला नहीं, जहां गुलदार और जंगली जानवर लोगों पर हमला ना कर रहे हों, लोगों की जान ना ले रहे हों। जंगली जानवरों के डर से लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं। बच्चे स्कूल नहीं जा रहे। गुलदार के हमले का ताजा मामला पिथौरागढ़ का है, जहां थल क्षेत्र में गुलदार ने एक महिला पर हमला कर दिया। महिला की किस्मत अच्छी थी, जो कि उसकी जान बच गई। हमले में महिला बुरी तरह घायल है। उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना कमद गांव की है। जहां पुष्पा देवी नाम की महिला जंगल में बकरी चराने गई थी। दोपहर दो बजे घात लगाकर बैठे गुलदार ने पुष्पा देवी पर हमला कर दिया। पुष्पा की चीख सुनकर साथी महिलाओं ने शोर मचा दिया, वो पुष्पा की तरफ दौड़ीं। महिलाओं को अपनी तरफ आता देख गुलदार ने पुष्पा देवी को छोड़ दिया और जंगल में भाग गया।

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बाद में घायल महिला को दूसरी महिलाओं ने किसी तरह घर पहुंचाया। लहूलुहान पुष्पा देवी को परिजन अस्पताल लेकर गए। गोचर के अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद महिला को घर भेज दिया गया। परिजनों ने बताया कि जब वो महिला को अस्पताल लेकर गए तो वहां एंटी रैबीज टीका नहीं मिला। जिस वजह से महिला को निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। निजी अस्पताल में महंगे दाम में एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाना पड़ा। अस्पताल में लंबे वक्त से एंटी रैबीज टीका उपलब्ध नहीं है। वहीं ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख सुरेंद्र पांगती ने कहा कि अस्पताल में एंटी रैबीज इंजेक्शन ना होना गंभीर मामला है। वो इस संबंध में जिलाधिकारी से बात करेंगे।