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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड...भारत के किसी एक प्रदेश में अलग-अलग बोलियों, संस्कृतियों के दर्शन करने हों तो उत्तराखंड से बेहतर कोई जगह नहीं। हाल ही में आया गीत जै-जै हो देवभूमि आपको उत्तराखंड की ऐसी ही धार्मिक...सांस्कृतिक यात्रा पर लेकर जाता है। बीते साल की विदाई और नए साल के शुभ स्वागत के लिये इस संगीतमय प्रस्तुति से बेहतर और कुछ हो ही ही नहीं सकता। इस गीत को अपनी सुमधुर आवाज से सजाया है रमेश भट्ट ने। रमेश भट्ट मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार हैं। बहुमुखी प्रतिभा के धनी रमेश भट्ट पहाड़ की संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हैं और इसे सहेजने के लिए लंबे वक्त से प्रयास कर रहे हैं। सोशल मीडिया के जरिए वो युवा पीढ़ी को पहाड़ के लोक त्योहारों, संस्कृति और लोककथाओं के बारे में बताते रहे हैं। उनके वीडियोज को सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया जाता है।