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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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चमोली: भगवान बदरीनाथ और बाबा केदार का श्रृंगार अब कर्नाटक से आये चंदन से होगा। बदरी-केदार में होने वाली पूजा में चंदन का विशेष महत्व है। भारी मात्रा में चंदन जुटाने के लिए बीकेटीसी को काफी परेशानी होती थी, पर अब समस्या का समाधान निकल गया है। बदरीनाथ-केदारनाथ समिति ने कर्नाटक में जमीन देख ली है। जहां ‘चंदन वाटिका’ तैयार की जाएगी। अच्छी बात ये है कि वाटिका बनाने के लिए जो जमीन चुनी गई है, उस पर पहले से चंदन के पौधे लगे हैं। अब यहां बीकेटीसी चंदन वाटिका बनवायेगी। वाटिका में बदरी-केदारधाम की पूजा के लिए चंदन तैयार होगा। बदरीनाथ-केदारनाथ धाम में हर साल करीब 2 क्विंटल चंदन और चंदन की लकड़ी की खपत होती है। भारी मात्रा में चंदन जुटाने में बीकेटीसी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। ये बात बीकेटीसी के अधिकारियों ने उद्योगपति मुकेश अंबानी को बताई। जो कि बीते यात्रा सीजन में बदरीनाथ धाम आये हुए थे। बदरीनाथ धाम में उनकी विशेष आस्था है। उन्होंने बीकेटीसी की परेशानी समझी, और कहा कि कर्नाटक में चंदन वाटिका तैयार करने के लिए जमीन तलाशें।