उत्तराखंड के लोक कलाकारों को नए साल का तोहफा, दोगुना हुआ मानदेय और यात्रा भत्ता

संस्कृति विभाग के अंतर्गत आने वाले लोक कलाकारों का मानदेय और यात्रा भत्ता बढ़ाकर दोगुना कर दिया गया है....
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folk artists of Uttarakhand: Double honorarium and travel allowance to folk artists
Image: Double honorarium and travel allowance to folk artists

देहरादून: नया साल प्रदेश के लोक कलाकारों के लिए बड़ी सौगात लेकर आया। प्रदेश सरकार ने लोक कलाकारों का मानदेय बढ़ा दिया है। अब लोक कलाकारों को बढ़ा हुआ मानदेय मिलेगा। यात्रा भत्ता भी बढ़ाकर दोगुना कर दिया गया है। ये राहत भरा फैसला है। सरकार के इस फैसले से लोक संस्कृति, लोक कलाओं को बढ़ावा मिलेगा। युवा पीढ़ी भी लोक कलाओं को करियर के तौर पर अपनाने के लिए आगे आएगी। प्रदेश के लोक कलाकार लंबे वक्त से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे थे। सूबे के प्रोफेशनल लोक कलाकारों ने भी कई बड़े मंचों पर यही बात कही। नये साल पर प्रदेश सरकार ने ये मांग मान ली है। लोक कलाकारों को मानदेय वृद्धि के तौर पर नये साल का तोहफा मिला है। उनका मानदेय और यात्रा भत्ता दोगुना कर दिया गया है। इस संबंध में शासनादेश जारी हो गया है। जल्द ही कलाकारो को बढ़ा हुआ मानदेय मिलने लगेगा।

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फिलहाल लोक कलाकारों को कितना मानदेय मिल रहा है। आपको ये भी जानना चाहिए। वर्तमान में दल नायक को प्रतिदिन 500 रुपये मानदेय और 250 रुपये यात्रा भत्ता दिया जाता है। जिसे बढ़ाकर दोगुना कर दिया गया है। यानि अब दल नायक को प्रतिदिन एक हजार रुपये मानदेय मिलेगा। यात्रा भत्ता भी बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। अन्य कलाकारों को 400 रुपये प्रतिदिन और 200 रुपये यात्रा भत्ता मिलता था। जिसे अब बढ़ाकर 800 रुपये कर दिया गया है। यात्रा भत्ता दो सौ रुपये से बढ़ाकर 400 रुपये कर दिया गया है। बता दें कि संस्कृति विभाग की तरफ से प्रदेश और प्रदेश के बाहर सांस्कृतिक दलों को भेजा जाता है। हर दल में दल नायक समेत 20 कलाकार शामिल होते हैं। मानदेय बढ़ोतरी के फैसले से त्योहारों, उत्सवों, मेलों और दूसरे अवसरों पर कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले लोक कलाकार लाभान्वित होंगे। लोक कलाओं के संरक्षण में मदद मिलेगी।