देवभूमि में एक शिक्षक ऐसा भी, छुट्टी के दिन भी चल रही हैं एक्स्ट्रा क्लास..बच्चों को कर रहे तैयार

शिक्षक राजीव शर्मा दो बार उत्कृष्ट-दक्ष दिव्यांग कर्मचारी का राज्य पुरस्कार हासिल कर चुके हैं…
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board examination: Near board examination extra class taking by teacher
Image: Near board examination extra class taking by teacher

पौड़ी गढ़वाल: पहाड़ में स्कूलों के हाल किसी से छुपे नहीं हैं। कहीं स्कूल भवन नहीं है, तो कहीं शिक्षक। जहां दोनों हैं, वहां शिक्षक पहाड़ की चढ़ाई नहीं चढ़ना चाहते। ज्यादातर शिक्षक बच्चों को पढ़ाने में कम, पहाड़ से मैदान में पोस्टिंग की दौड़ में ज्यादा लगे रहते हैं। ऐसे वक्त में राजीव शर्मा जैसे युवा शिक्षक बेहतरी की उम्मीद जगाते हैं। कोटद्वार के सिगड्डी में एक स्कूल है राजकीय इंटर कॉलेज जयदेवपुरी। राजीव इसी स्कूल में तैनात हैं। वो दिव्यांग हैं, लेकिन शरीर की इस कमी को उन्होंने कभी भी अपने कर्तव्य के आड़े नहीं आने दिया। बच्चों की पढ़ाई को लेकर राजीव कितने गंभीर हैं, इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि सर्दी की छुट्टी में भी वो बच्चों को पढ़ा रहे हैं। इन दिनों पहाड़ में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। सर्दी की छुट्टी पढ़ते ही मास्टर साहब स्कूल में ताला जड़कर अपने घर चले गए, पर कोटद्वार के इस इंटर कॉलेज में छुट्टियों में भी कक्षाएं चल रही हैं।

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सिगड्डी के इंटर कॉलेज में शिक्षक राजीव शर्मा हाईस्कूल के बच्चों को परीक्षा की तैयारी करा रहे हैं, ताकि वो बोर्ड परीक्षा में अच्छे नंबरों से पास हो सकें । राजीव ने इसके लिए प्रिंसिपल से स्पेशल परमीशन ली है। स्कूल के एक कमरे में हर दिन गणित की एक्स्ट्रा क्लास लगती है। जहां राजीव बच्चों को 1 से दो घंटे तक गणित के प्रश्नों की तैयारी कराते हैं। राजीव कहते हैं कि अगर प्रैक्टिस में निरंतरता की कमी हो तो बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है, जिसका असर रिजल्ट पर पड़ता है। राजीव दो बार उत्कृष्ट और दक्ष विकलांग कर्मचारी का राज्य पुरस्कार हासिल कर चुके हैं। इसके अलावा भी उन्होंने कई उपलब्धियां हासिल की हैं। शिक्षक राजीव शर्मा की लगन की बदौलत साल 2018-19 में उनके स्कूल के 95 फीसदी छात्रों ने बोर्ड परीक्षा में सफलता पाई थी। जिनमें से 13 छात्रों ने फर्स्ट डिवीजन हासिल की। राजीव को उम्मीद है कि इस साल भी उनके स्कूल के छात्र बोर्ड परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करेंगे।