गढ़वाल: ऋषि चरक की तपस्थली में 25 साल बाद हुई बर्फबारी, उमड़ा पर्यटकों का सैलाब

चरेख डांडा में 25 साल बाद बर्फबारी हुई। कई सालों के इंतजार के बाद हुई बर्फबारी से गांव वालों के साथ साथ व्यापारियों के भी चेहरे खिल गए हैं।
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उत्तराखंड न्यूज: Charekh snowfall uttarakhand
Image: Charekh snowfall uttarakhand

पौड़ी गढ़वाल: चरेख डांडा...उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में एक खूबसूरत जगह। ये जगह आयुर्वेद के जनक चरक ऋषि की कर्म स्थली कही जाती है। चरेख डांडा में लंबे वक्त यानी 25 साल के बाद बबर्फबारी हुई, तो व्यापारियों के चेहरे खिल उठे। घाड़ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चरेख के लिए कहा जाता है कि यहां आयुर्वेद के जनक ऋषि चरक ने ज्ञान प्रप्त किया था। शायद ये ही वजह है कि 2009-10 में यहां अंतर्राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान शोध संस्थान खोलने की घोषणा हुई थी। बीते दस सालों में चरेख में काफी होटल और रिसोर्ट खुले। हर साल ठंड के मौसम में पर्यटक यहां आते लेकिन बर्फबारी न होने की वजह से मायूसी ही हाथ लगती थी। लेकिन इस बार पच्चीस वर्ष के लंबे इंतजार के बाद चरेख और आसपास के क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई। इस बर्फबारी से व्यवसायियों के चेहरे खिल गए। अगर आप भी प्रकृति की खूबसूरती का दीदार करना चाहते हैं तो चरेख चले आइए। यहां आने के लिए आप को कोटद्वार तक आना होगा। दिल्ली से कोटद्वार के लिए आसानी से बस मिल जाती है। इसके बाद कोटद्वार स्टेशन से ही आपको चरेख के लिए वाहन मिल जाएगा।

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