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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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टिहरी गढ़वाल: कोरोना वायरस सिर्फ इंसान ही नहीं इंसानियत का भी दुश्मन है। मुसीबत के वक्त बेबस लोगों पर कितनी बुरी बीत रही है, इसका आप और हम अंदाजा भी नहीं लगा सकते। टिहरी की दो बेटियां भी इस वक्त बड़ी तकलीफ से गुजर रही हैं। आज नहीं तो कल लॉकडाउन हट ही जाएगी, थोड़ा वक्त लगेगा पर जिंदगी वापस सामान्य हो जाएगी, पर इन बेटियों ने लॉकडाउन के चलते जो खोया है उसका दुख, उसकी तकलीफ उन्हें जिंदगी भर सालती रहेगी। दरअसल लॉकडाउन के चलते ये दोनों बेटियां अपने पिता से आखिरी बार मिल नहीं पाई। दोनों घर नहीं जा सकीं और पिता का आज देहांत हो गया। टिहरी जिले के प्रतापनगर में एक गांव है मोटना। यहां रहने वाले महावीर सिंह दिल्ली में प्राइवेट जॉब करते थे। वो लीवर और कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। आगे पढ़िए