केदारनाथ आने वाले हर यात्री के लिए, चाहे वो उत्तराखंड से हो या बाहरी राज्यों से, अब 72 घंटों के अंदर की कोरोना जांच की नेगेटिव रिपोर्ट दिखाना जिला प्रशासन द्वारा अनिवार्य कर दिया गया है।
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Komal Negi
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Image: Every traveler coming to Kedarnath will be corona examined
रुद्रप्रयाग: राज्य में जिस गति से कोरोना के केस दिन प्रतिदिन बढ़ रहे हैं वह बेहद चिंताजनक है, और इस वजह से राज्य सरकार और सभी जिला प्रशासन भी बेहद टेंशन में आ रखे हैं। फिलहाल हर जिला अपने-अपने जिले में कोरोना की रोकथाम के लिए अलग-अलग स्ट्रैटिजी अपना रहा है। कोरोना के कुल आंकड़ें 9000 छूने की कगार पर हैं। ऐसे में इसकी रोकथाम के लिए कड़े कदम उठाना भी बेहद जरूरी हो जाता है। रुद्रप्रयाग जिला भी इन दिनों कोरोना के प्रति काफी सचेत हो गया है और जिला प्रशासन ने कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए कई जरूरी निर्णय भी लिए हैं। जिलाधिकारी वंदना के अनुसार अब जिले ने अपनी सैंपलिंग क्षमता को बढ़ाने का भी निर्णय लिया है। अबतक रुद्रप्रयाग रोज के 250 सैंपलिंग करता था जो बढ़कर 500 होने वाली है।
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हालांकि सभी जिलों के मुकाबले रुद्रप्रयाग में अबतक सबसे कम केस पाए गए हैं मगर तब भी रुद्रप्रयाग जिले में कोरोना के केस बढ़ने का रिस्क इसलिए भी है क्योंकि धार्मिक लिहाज से रुद्रप्रयाग जिला बेहद महत्वपूर्ण है। श्रद्धालुओं के मन में बाबा केदार के प्रति असीम श्रद्धा है, ऐसे में केदारनाथ धाम में हर साल सैकड़ों लोगों की भीड़ लगती है। कोरोना के कारण इस साल केदारनाथ में श्रद्धालुओं की संख्या कम है मगर तब भी लोग दर्शन के लिए आ रहे हैं। ऐसे में रुद्रप्रयाग में एहतियात बरतना बहुत जरूरी है। इसी को देखते हुए रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ आने वाले हर यात्री के लिए, चाहे वो उत्तराखंड से हो या बाहरी राज्यों से, कोरोना जांच की नेगेटिव रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य कर दिया है। जी हां, अब केदारनाथ में प्रवेश तभी मिलेगा जब आपके पास कोरोना नेगेटिव की रिपोर्ट होगी।
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यह निर्णय बीते गुरुवार से लागू हो गया है। अब अगर आप भी केदारनाथ आने की सोच रहे हैं तो 72 घंटों के भीतर आपको कोरोना की जांच करवानी होगी और नेगेटिव रिपोर्ट दिखानी पड़ेगी, उसके बाद ही आप केदारनाथ धाम की यात्रा कर सकते हैं। जिलाधिकारी वंदना सिंह ने बताया कि इससे पहले यह नियम बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों के लिए था, मगर जिस तीव्रता से उत्तराखंड में कोरोना के केस बढ़ रहे हैं, ऐसे में अब उत्तराखंड के निवासियों के लिए भी कोरोना की रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य कर दिया है। उन्होंने बताया कि अब जिले में आने वाले हर व्यक्ति की सैंपलिंग भी की जाएगी। इसी के साथ आने वाले 10 अगस्त से रुद्रप्रयाग के हर गांव में रैंडम सैंपलिंग भी की जाएगी ताकि जिला जल्दी करो ना मुक्त हो सके। आंकड़ों की बात करें तो रुद्रप्रयाग में अब तक 91 केस पाए गए हैं जिनमें से 76 पूर्णतः स्वस्थ हो चुके हैं। अब जिले में 14 एक्टिव केस बचे हैं।