बीते शुक्रवार को हुए लोकसभा संसद में राज्य वित्त मंत्री अनुराग ठाकुर ने उत्तराखंड की दो महिलाओं की जमकर सराहना की। आइए जानते हैं कि वे दो महिलाएं कौनसी हैं जिनके नेकदिली के चर्चे अब संसद तक पहुंच गए हैं।
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Image: Darshani Devi and Devaki Bhandari were named in the Parliament
रुद्रप्रयाग: क्या आपको उत्तराखंड की देवकी दादी और दर्शनी देवी याद हैं? जी हां, देवभूमि की दो ऐसी दिलदार एवं नेक बुजुर्ग महिलाएं जिन्होंने अपने जीवन भर की संपूर्ण कमाई कोरोना काल के दौरान जूझ रहे गरीबों और जरूरतमंदों को खुशी-खुशी दे दी थी। जब देश के ऊपर संकट आन पड़ा था, कोरोना के कारण हालात खराब हो रहे थे और सरकार को पैसों की जरूरत थी, तब दोनों बुजुर्ग महिलाओं ने देश के लिए अपनी ओर से लाखों रुपए का योगदान किया। इस बात को अधिक समय नहीं बीता है। उस समय देवकी भंडारी एवं दर्शनी देवी बेहद सुर्खियों में आईं थीं और आप लोगों द्वारा उनकी इस मुहिम को खूब सराहा गया था। इस समय दोनों महिलाएं एक बार फिर से सुर्खियों में आ गई हैं। देवकी भंडारी और दर्शनी देवी दोनों की नेकदिली के चर्चे अब संसद तक पहुंच गए हैं। बता दें कि हाल ही में बीते शुक्रवार को लोकसभा में पीएम केयर्स फंड को लेकर काफी हंगामा खड़ा हुआ।
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हंगामे के बीच में वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने पीएम केयर्स फंड का हिसाब दिया। इस दौरान अनुराग ठाकुर ने उत्तराखंड के लोगों का पीएम केयर्स फंड में दिए गए योगदान का जिक्र करते हुए उनकी खूब सराहना की। उन्होंने उत्तराखंड की दर्शनी देवी और देवकी भंडारी की भी जमकर तारीफ की और उनके द्वारा किए गए योगदान को सराहा। उन्होंने कहा कि अगस्तमुनि की निवासी दर्शनी देवी ने अपने जीवन भर की पेंशन 2 लाख रुपए पीएम केयर्स फंड में दान देती है वही अनुराग ठाकुर ने देवकी भंडारी का भी संसद में जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने भी पीएम केयर्स फंड में 10 लाख रुपए की बड़ी रकम दान की है। बता दें कि चमोली की गोचर की रहने वाली 60 वर्षीय देवकी भंडारी ने कोरोना पीड़ितों के लिए 10 लाख रुपए की बड़ी रकम पीएम केयर्स फंड में दान में दी थी।
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वे खुद एक किराए के मकान में रहती हैं और उन्हें जो पेंशन मिलती है उसी से वे अपना घर चलाती हैं। उनके पति का 12 साल पहले निधन हो गया था। मगर संकट के समय उन्होंने अपने जीवन भर की कमाई देश के लिए दान में दे दी। वहीं रुद्रप्रयाग जिले के विकासखंड निवासी 80 वर्षीय दर्शनी देवी ने भी कोरोना महामारी में राष्ट्र हित के लिए पीएम केयर्स फंड में 2 लाख रुपए की धनराशि दान में दी। दर्शनी देवी के पति 1965 में पाकिस्तान युद्ध में शहीद हो गए थे। उनकी कोई भी संतान नहीं है।, यह 2 लाख उनकी पेंशन का पैसा था जो उन्होंने कोरोना महामारी में मुसीबत के वक्त देश के नाम कर दिया। यह गर्व की बात है कि देवभूमि में ऐसे लोग मौजूद हैं जो खुद से अधिक देश के बारे में सोचते हैं।