देहरादून में प्रॉपर्टी खरीदने वालों को इसने लगाया चूना..फर्जी रजिस्ट्रियां बनाकर करोड़ों की ठगी

देहरादून जिले में फर्जी रजिस्ट्रियां कर करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले शातिर ठग आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है। पुलिस ने तमाम सबूतों के आधार पर रितेश मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है
Advertisement No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..

Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.

Example Ads Media
Dehradun Property News: fraud  Ritesh Mishra arrested in Dehradun
Image: fraud Ritesh Mishra arrested in Dehradun

देहरादून: देहरादून जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। देहरादून में पुलिस की समझदारी और सूझबूझ के चलते एक बड़ा आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है। जी हां, हम बात कर रहे हैं उसी शातिर ठग की जिसने फर्जी रजिस्ट्रियां तैयार कर करोड़ों रुपए की ठगी को अंजाम दिया है। आरोपी आखिरकार पुलिस के हत्थे आ चुका है। पुलिस काफी समय से इस आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछा रही थी और आखिरकार आरोपी जाल में फंस गया है। अब वह पुलिस की गिरफ्त में है। पुलिस आरोपी के खिलाफ काफी समय से साक्ष्य जुटाने में भी लगी हुई थी। तमाम साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। करोड़ों के फर्जीवाड़ा करने वाले व्यक्ति की पहचान रितेश मिश्रा के रूप में हुई है, जिसको पुलिस ने आखिरकार अपनी हिरासत में ले लिया है और शिमला बाईपास के पास से गिरफ्तार कर लिया है। आगे पढ़िए

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: सेना में लेफ्टिनेंट बना चिलियानौला का सपूत, पिता भी हैं रिटायर्ड आर्मी अफसर
बता दें कि रितेश मिश्रा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रजिस्ट्री कर लोगों से ठगी करने का काम करता था। थाना रायपुर प्रभारी दिलबर सिंह नेगी ने इस खबर की पुष्टि की और कहा कि आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में है और अब उसके ऊपर सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी आपको बता दें कि इसी साल 22 अप्रैल को विकास नगर के निवासी इस्लाम ने एक शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें उसने कहा था रितेश मिश्रा ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उसकी तकरीबन 14 रजिस्ट्रियां करा कर लाखों रुपए हड़प लिए हैं। जब इस्लाम को रितेश मिश्रा की इस बात का पता उसने रितेश मिश्रा से अपने पैसे वापस मांगे मगर उसने साफ तौर पर पैसे देने से इनकार कर दिया। वहीं पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई। जब पुलिस ने गहराई से जांच की तो जांच में यह सामने आया कि रितेश मिश्रा ने अपने साथी फुरकान अली के साथ मिलकर "मैसर्स सनसेट बिल्डवेल" नाम से एक फर्जी फर्म खोली है। आगे पढ़िए

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: 13 साल की रिद्धिमा को बधाई..विश्व की 100 प्रभावशाली महिलाओं में शामिल हुआ नाम
फर्जी फर्म के आधार पर वह लोगों की रजिस्ट्रियां करते थे और उनसे पैसे ऐंठते थे। उन्होंने नैनीताल बैंक में फर्म का देहरादून में रजिस्ट्रेशन दिखाकर मैसर्स सनसेट का खाता भी खोला था। रितेश जोशी ने फुरकान अली और महराज सिंह बिष्ट को सनसेट बिल्डवेल का मालिक बताकर 14 व्यक्तियों के नाम से सनसेट बिल्डवेल की फर्जी रजिस्ट्री करके देहरादून से लोन करवा कर तकरीबन 1.50 करोड रुपए हड़प लिए थे। आपको बता दें कि आरोपी रितेश मिश्रा डीएचएलएफ देहरादून में एक टायअप लोन एजेंट के तौर पर काम करता था। आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने गहराई से मामले की जांच पड़ताल की और रितेश मिश्रा के खिलाफ तमाम सबूत इकट्ठा करे। सबूतों के आधार पर पुलिस ने आरोपी रितेश मिश्रा को आखिरकार शिमला बाईपास के पास से गिरफ्तार कर लिया है।