उत्तराखंड में अब तक कितने नेता हुए कोरोना के शिकार? कितने नेताओं ने गंवाई जान..आप भी जानिए

प्रदेश में मंत्री, विधायकों से लेकर बड़े अधिकारी तक कोरोना संक्रमण से जूझ रहे हैं। हाल में मंत्री रेखा आर्य कोरोना पॉजिटिव मिलीं। कुछ दिन पहले विधायक सुरेंद्र सिंह जीना का कोरोना से निधन हो गया था। पढ़ें पूरी रिपोर्ट
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Coronavirus in uttarakhand: Politician Coronavirus positive in Uttarakhand
Image: Politician Coronavirus positive in Uttarakhand

देहरादून: उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच अब तक कई माननीय कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। कोरोना से लड़ते हुए कई नेताओं की मौत भी प्रदेश में हुई है। शनिवार को महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य कोरोना पॉजिटिव पाई गईं। उन्होंने खुद को आइसोलेट कर लिया है। मंत्री रेखा आर्य से पहले भी कई कैबिनेट मिनिस्टर और विधायक कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं। जनप्रतिनिधियों के कोरोना पॉजिटिव मिलने का सिलसिला जून में शुरू हुआ। जब कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज और उनके परिवार के सदस्य कोरोना पॉजिटिव पाए गए। इसके बाद तो मंत्रियों-विधायकों के कोरोना पॉजिटिव मिलने का सिलसिला सा चल पड़ा। जुलाई में उत्तरकाशी की पुरोला सीट से विधायक राजकुमार में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। पूर्व मंत्री रह चुके दिनेश धनै और उनके बाद बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत कोरोना पॉजिटिव मिले।

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सितंबर में नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश के अलावा धारचूला विधायक हरीश धामी भी कोरोना की जद में आ गए। उसके बाद विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल और उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। नेताओं के कोरोना पॉजिटिव मिलने का सिलसिला यहीं नहीं थमा। बाद में वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत, विधायक पुष्कर सिंह धामी और कांग्रेस के उप नेता सदन करण माहरा में भी कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। केदारनाथ विधायक मनोज रावत भी कोरोना पॉजिटिव मिले थे। तब उनका दून में इलाज चला था। ये तो हुई उन नेताओं की बात जो कोरोना संक्रमित तो हुए, लेकिन वायरस से जंग जीत कर एक बार फिर क्षेत्र में सक्रिय हो गए, लेकिन कई नेता ऐसे भी रहे, जो कोरोना से उबर नहीं पाए, और इन्हें असमय ही अपनी जान गंवानी पड़ी।

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इनमें पहला नाम बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह जीना का है। बेदाग छवि और सेवाभाव के लिए मशहूर सल्ट विधायक सुरेंद्र सिंह जीना के असामायिक निधन ने सबको रुला दिया। इसके अलावा कर्णप्रयाग से दो बार विधायक रहे डॉ. अनुसूया प्रसाद मैखुरी भी कोरोना से जंग हार गए। कुछ दिन पहले बीजेपी महिला मोर्चा की पूर्व कुमाऊं संयोजिका नर्मदा तिवारी भी कोरोना संक्रमण से जूझते हुए चल बसीं। कोरोना काल में उत्तराखंड ने अपने कई नेताओं को खो दिया। जिनमें पिथौरागढ़ सीट से दो बार विधायक और राज्यमंत्री रहे कृष्ण चंद्र पुनेठा और पौड़ी के पूर्व विधायक वरिष्ठ नेता सुंदरलाल मंद्रवाल का नाम भी शामिल है। ये दोनों लंबे वक्त से बीमार थे। इस साल उत्तराखंड की कई मशहूर राजनीतिक हस्तियां कोरोना की चपेट में आकर असमय ही काल के गाल में समा गईं। जिन दिग्गजों को उत्तराखंड ने खोया वो प्रदेश की राजनीति में विशेष पहचान रखते थे।