Advertisement
केदार हिमालय के ऐसे ट्रेक जहां रास्ता खुद आपको चुनता है
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
Example Ads Media
देहरादून: आलोचना हो या तारीफ, उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत चर्चा में बने रहने का हुनर खूब जानते हैं। कांग्रेस नेता हरीश रावत जो कहें, जो करें वो अक्सर सुर्खियां बन जाता है। वो हर मुद्दे पर अपनी बेबाक राय रखते रहे हैं। पिछले दिनों जब कांग्रेस हाईकमान ने उत्तराखंड में किसी को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित न कर के सामूहिक नेतृत्व संग चुनाव लड़ने की बात कही, तो वो हरीश रावत ही थे जिन्होंने इस फैसले का विरोध किया। उन्होंने साफ कहा कि राज्य में पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने की जरूरत है। हरीश रावत के इस बयान के बाद उनकी चौतरफा आलोचना हुई। उनके विरोधियों को एक बार फिर हरदा को घेरने का मौका मिल गया, लेकिन हरीश रावत अब भी अपनी बात पर कायम हैं। रविवार को हरीश रावत एक बार फिर मीडिया से मुखातिब हुए। इस दौरान उन्होंने इशारों ही इशारों में मुख्यमंत्री पद का दावेदार बनने की इच्छा भी जता दी। हरीश रावत ने कहा कि अगर पार्टी उन्हें यह जिम्मेदारी देती है तो इसे पूरी तरह निभाएंगे, लेकिन किसी दूसरे का चयन करती है तो भी वह उसका पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करना जरूरी है। ऐसा नहीं किया गया तो बीजेपी अपने संगठन और धनबल की बदौलत आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पर भारी पड़ सकती है। उन्होंने कहा की इस मामले में भाजपा मजबूत है