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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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चमोली: चमोली में नंदप्रयाग-घाट मोटरमार्ग के चौड़ीकरण की मांग को लेकर पिछले 109 दिनों से आंदोलन जारी है। प्रदर्शनकारी अनशन पर बैठे हैं। अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए यहां के ग्रामीणों ने पहले शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया। मानव श्रृंखला बनाकर सरकार को झकझोरने की कोशिश की, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। अब मामला दिल्ली पहुंच गया है। यहां घाट क्षेत्र के लोगों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर एक बार फिर से अपनी मांगें दोहराई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शासन में नियुक्त कुछ अधिकारी पहाड़ विरोधी कार्य कर रहे हैं। उन्होंने प्रमुख सचिव आरके सुधांशु पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने कहा कि प्रमुख सचिव आरके सुधांशु सरकार को मुद्दे से भटकाने का काम कर रहे हैं। वो सड़क पर 3 हजार गाड़ियां प्रतिदिन न चलने का हवाला दे रहे हैं, जबकि जिस मानक के अनुसार दिवालीखाल-भराड़ीसैण मोटरमार्ग को डबल लेन बनाया जा रहा है। उसी मानक के अनुसार नंदप्रयाग-घाट सड़क को भी डेढ़ लेन चौड़ा बनाया जाना चाहिए