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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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हरिद्वार: उत्तराखंड कोविड की दूसरी लहर की चपेट में है। प्रदेश में कोरोना हाहाकार मचा रहा है। एक तरफ कोरोना के बढ़ते हुए केस हैं और दूसरी तरफ प्रदेश में अस्पतालों की दयनीय हालत।कोविड के संक्रमित मरीजों को वर्तमान में ऑक्सीजन की कितनी जरूरत है यह पूरे देश में साफ पता लग रहा है मगर इसके बावजूद भी सरकार आंख मूंदे हुए है। प्रदेश में ऑक्सीजन की भारी कमी हो रही है और मरीजों की ऑक्सीजन की कमी से मृत्यु हो रही है। हालांकि मुख्यमंत्री द्वारा यह साफ कहा गया है कि प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी नहीं है मगर असलियत यह है कि उत्तराखंड में मौजूद अस्पतालों की हालत बेहद खराब है और मरीजों को ऑक्सीजन नहीं मिल पा रहा है। अस्पतालों को समय पर ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं पहुंच रही है जिस कारण वहां भर्ती मरीजों की जान के ऊपर खतरा मंडरा रहा है। ऐसा ही कुछ हुआ रुड़की के एक अस्पताल में जहां पर ऑक्सीजन के खत्म होते-होते 50 मरीजों की सांसे अटक गईं। इसके बाद अस्पताल प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। वो तो आखिरी समय पर ऑक्सीजन मंगवाई गई जिससे मरीजों की जान बच सकी। अगर ऑक्सीजन मिलने में जरा भी देरी हो जाती तो बड़ी अनहोनी घट सकती थी और अस्पताल में भर्ती मरीज प्रशासन एवं सरकार की लापरवाही का शिकार हो सकते थे।