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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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हरिद्वार: कोरोना का कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा। हरिद्वार में महाकुंभ के आयोजन के बाद कई संत कोरोना पॉजिटिव पाए गए, जिनमें से कुछ का कोरोना से निधन भी हो गया है। गुरुवार को निरंजनी अखाड़े के महंत मनीष गिरि भी चल बसे। वो कोरोना संक्रमण से जूझ रहे थे। निरंजनी अखाड़े में पिछले तीन दिनों में तीन संतों का निधन हो चुका है, जबकि कई संतों की हालत नाजुक है। कुंभ में बैशाखी का शाही स्नान संपन्न होने के बाद अखाड़ों में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। हरिद्वार में अब तक अलग-अलग अखाड़ों से जुड़े कुल 9 संतों की कोरोना से मौत हो चुकी है, जबकि छह सौ से ज्यादा संत कोरोना संक्रमित मिले हैं। संक्रमित मिले संतों में से कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है। पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के दो कोरोना संक्रमित संतों का शुक्रवार को निधन हो गया। संत सोमनाथ गिरि ने बाबा बर्फानी कोविड अस्पताल और संत अजय गिरि ने ऋषिकेश एम्स में अंतिम सांस ली। संत सोमनाथ को 15 दिन पहले और संत अजय गिरी को दस दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुंभ के बाद से अब तक नौ संतों की मौत हो चुकी है