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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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चमोली: कोविड मामलों में जबरदस्त उछाल के चलते चारधाम यात्रा स्थगित कर दी गई है। नियत तिथि पर धाम में केवल पुजारी ही पूजा-पाठ करेंगे, बाकी लोगों के लिए यात्रा बंद रहेगी। यात्रा भले ही स्थगित कर दी गई है, लेकिन यात्रा से जुड़ी हजारों साल पुरानी परंपराएं पहले की तरह ही निभाई जा रही हैं। इसी कड़ी में टिहरी गढ़वाल में भगवान बदरी विशाल के अभिषेक के लिए सुहागिन महिलाओं ने व्रत रखकर गुरुवार को तिलों का तेल पिरोया। नरेंद्रनगर राजमहल में महारानी राज्य लक्ष्मी शाह की अगुवाई में सुहागिन महिलाओं ने पीला वस्त्र धारण कर तिलों का तेल पिरोया। इस मौके पर नरेंद्रनगर स्थित राजमहल को भव्य रूप से सजाया गया था। राजपुरोहित संपूर्णानंद जोशी तथा पंडित आचार्य कृष्ण प्रसाद उनियाल ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। जिसके बाद तिलों का तेल पिरोने की धार्मिक परंपरा का शुभारंभ हुआ। महाभिषेक के लिए तेल पिरोने की शुरुआत महारानी राज्य लक्ष्मी शाह ने की।