उत्तराखंड: कोरोना के बीच मर गई इंसानियत..एंबुलेंस वाले ने 3 किमी के लिए मांगे 80 हजार

वैश्विक महामारी के इस दौर में इंसानों के साथ इंसानियत भी मर रही है। मुश्किल के इस दौर में कुछ लोग लाशों तक को नहीं बख्श रहे, और उन्हें मुनाफा कमाने का जरिया बना रहे हैं।
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Haridwar ambulance 80 thousand: Ambulance driver charged 80 thousand rupees in Haridwar
Image: Ambulance driver charged 80 thousand rupees in Haridwar

हरिद्वार: हमारे देश में मानवता और परोपकार को सबसे ज्यादा अहमियत दी जाती है। दुनियाभर के लोग मानते हैं कि धन-दौलत चाहे किसी देश के पास हो, लेकिन रिश्तों की तासीर समझने और उसे निभाने में भारतीयों का कोई जोड़ नहीं, लेकिन वैश्विक महामारी के इस दौर में इंसानों के साथ इंसानियत भी मर रही है। मुश्किल के इस दौर में कुछ लोग लाशों तक को नहीं बख्श रहे, और उन्हें मुनाफा कमाने का जरिया बना रहे हैं। इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला ऐसा ही एक मामला हरिद्वार में सामने आया। यहां एक एंबुलेंस चालक ने शव को महज तीन किलोमीटर दूर ले जाने के लिए 80 हजार रुपये मांग लिए। ऐन वक्त पर एसडीएम के मौके पर पहुंचने से पूरे मामले का खुलासा हुआ। जिसके बाद एसडीएम ने एंबुलेंस को सीज करने के साथ ही मुकदमा दर्ज करने के आदेश भी दिए हैं। मामला नीलधारा श्मशान घाट पर मनमाना किराया वसूलने का है। हरिद्वार में भेल के रिटायर्ड एजीएम की कोरोना से मौत हो गई थी। उनके साथ अस्पताल में उनकी पत्नी मौजूद थी। बेटे को अमेरिका से आना था। इसलिए दो दिन शव को रखने की दिक्कत थी। आगे पढ़िए

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बेटे को शनिवार को हरिद्वार पहुंचना था। तब रोती-बिलखती महिला ने शव को सुरक्षित रखने के लिए फ्रीजर वाली एंबुलेंस के ड्राइवर से बात की। एंबुलेंस ड्राइवर ने महिला की मजबूरी का फायदा उठाते हुए शव को रखने तथा नीलधारा श्मशान तक छोड़ने के लिए 80 हजार की मांग कर डाली। परेशान महिला ने भी हां कर दी। शनिवार को जब बेटा हरिद्वार पहुंचा तब शव को श्मशान घाट ले जाया गया। इत्तेफाक से उस वक्त एसडीएम क्षेत्र का निरीक्षण कर रहे थे। उन्होंने परेशान परिजनों से एंबुलेंस का किराया पूछा तो सारा मामला खुल गया। जिसके बाद एसडीएम ने तत्काल एआरटीओ को मौके पर बुलाकर एंबुलेंस को सीज करने के साथ ही संबंधित थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिये। एसडीएम गोपाल सिंह चौहान ने कहा कि इस नाजुक दौर में 80 हजार किराये की वसूली को किसी भी तरह जायज नहीं ठहराया जा सकता। अब ऐसे लोगों पर नजर रखी जाएगी। मनमाना पैसा वसूलने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।