उत्तराखंड में रेमडेसिवीर इंजेक्शन के लिए हाहाकार..देहरादून में बुरा हाल, मरीज हलकान

सरकार रेमडेसिविर और ऑक्सीजन सिलेंडर की भरपूर आपूर्ति के दावे कर रही है, लेकिन सच्चाई यह है कि प्रदेश के अस्पताल रेमडेसिविर की किल्लत से जूझ रहे हैं। जिससे मरीजों के परिजन भी परेशान हैं।
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Coronavirus in uttarakhand: Shortage of Remedisvir in Uttarakhand
Image: Shortage of Remedisvir in Uttarakhand

देहरादून: कोरोना संकट के बीच रेमडेसिवीर की कालाबाजारी बढ़ गई है। नकली रेमडेसिवीर बनाने और इसकी बिक्री का धंधा भी खूब चल रहा है। मरीजों के परिजन ऑक्सीजन के साथ रेमडेसिवीर के लिए जगह-जगह भटक रहे हैं। सरकार दावा कर रही है कि प्रदेश में न तो ऑक्सीजन की कमी है, न रेमडेसिवीर इंजेक्शन की, लेकिन इन दावों की हकीकत जांचनी हो तो किसी भी अस्पताल के बाहर चले जाइए, जहां लोग ऑक्सीजन से लेकर रेमडेसिविर इंजेक्शन तक के लिए दर-दर भटकते नजर आते हैं। ये लोग अपनों की जान बचाने के लिए इंजेक्शन के मनमाने दाम चुकाने को तैयार हैं, फिर भी इंजेक्शन नहीं मिल रहा। सच ये है कि प्रदेश में एक बार फिर रेमडेसिविर इंजेक्शन की जबरदस्त किल्लत हो गई है। जिन जिलों में इंजेक्शन की सबसे ज्यादा किल्लत है, उनमें देहरादून जिला टॉप पर है। यहां कोरोना संक्रमण के सबसे ज्यादा मरीज मिल रहे हैं। अस्पतालों पर जबरदस्त दबाव है। सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में बेड नहीं मिल रहे। बेड मिल भी रहा है तो ऑक्सीजन से लेकर रेमडेसिविर इंजेक्शन तक के लिए भटकना पड़ रहा है। बाजार से ऑक्सीमीटर जैसे मेडिकल उपकरण तक गायब हो गए हैं।

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जोगीवाला के एक हॉस्पिटल में भर्ती मरीज के तीमारदार ने बताया कि दो दिन जगह-जगह भटकने के बाद भी उसे इंजेक्शन नहीं मिला। कई मरीजों ने सोशल मीडिया के जरिए इंजेक्शन को लेकर मदद मांगी थी, लेकिन इंजेक्शन नहीं मिल पाया। इस तरह प्रदेश हर स्तर पर चुनौतियों से जूझ रहा है। यहां 1 मई से 18 से 45 आयु वर्ग वालों का कोविड टीकाकरण शुरू होना था, लेकिन टीके अब तक उपलब्ध नहीं हो पाए हैं। जिस वजह से टीकाकरण शुरू नहीं हो पाया। राज्य सरकार ने इस आयु वर्ग के लिए 1.64 लाख वैक्सीन डोज का ऑर्डर दिया है। इसमें से 1.22 लाख टीके सीरम इंस्टीट्यूट और 22 हजार टीके भारत बायोटेक उपलब्ध कराएगा। स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि उम्मीद है कि हमें जल्द से जल्द टीके मिल जाएंगे। टीके मिलते ही राज्य में 18 से 45 आयु वर्ग वालों के लिए टीकाकरण शुरू कर दिया जाएगा। इसमें हफ्तेभर का समय लग सकता है।