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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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देहरादून: कोरोना संकट के बीच रेमडेसिवीर की कालाबाजारी बढ़ गई है। नकली रेमडेसिवीर बनाने और इसकी बिक्री का धंधा भी खूब चल रहा है। मरीजों के परिजन ऑक्सीजन के साथ रेमडेसिवीर के लिए जगह-जगह भटक रहे हैं। सरकार दावा कर रही है कि प्रदेश में न तो ऑक्सीजन की कमी है, न रेमडेसिवीर इंजेक्शन की, लेकिन इन दावों की हकीकत जांचनी हो तो किसी भी अस्पताल के बाहर चले जाइए, जहां लोग ऑक्सीजन से लेकर रेमडेसिविर इंजेक्शन तक के लिए दर-दर भटकते नजर आते हैं। ये लोग अपनों की जान बचाने के लिए इंजेक्शन के मनमाने दाम चुकाने को तैयार हैं, फिर भी इंजेक्शन नहीं मिल रहा। सच ये है कि प्रदेश में एक बार फिर रेमडेसिविर इंजेक्शन की जबरदस्त किल्लत हो गई है। जिन जिलों में इंजेक्शन की सबसे ज्यादा किल्लत है, उनमें देहरादून जिला टॉप पर है। यहां कोरोना संक्रमण के सबसे ज्यादा मरीज मिल रहे हैं। अस्पतालों पर जबरदस्त दबाव है। सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में बेड नहीं मिल रहे। बेड मिल भी रहा है तो ऑक्सीजन से लेकर रेमडेसिविर इंजेक्शन तक के लिए भटकना पड़ रहा है। बाजार से ऑक्सीमीटर जैसे मेडिकल उपकरण तक गायब हो गए हैं।