कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने के साथ कंटेनमेंट जोन की संख्या भी बढ़ रही है। प्रदेश के 12 जिलों में 282 इलाके सील किए गए हैं।
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Komal Negi
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Image: Uttarakhand Containment Zone List May 3
देहरादून: प्रदेश में कोरोना संक्रमण खतरनाक स्तर तक जा पहुंचा है। राज्य सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद हालात काबू में नहीं आ रहे। कोरोना संक्रमण के केस बढ़ने के साथ ही कंटेनमेंट जोन की संख्या भी बढ़ रही है। अब प्रदेश में कंटेनमेंट जोन की संख्या 282 हो गई है। देहरादून में सबसे ज्यादा 71 कंटेनमेंट जोन हैं। यहां शहर में 55 इलाके सील हैं। जबकि विकासनगर में 7 कंटेनमेंट जोन हैं। ऋषिकेश में सुमन विहार, ग्राम श्यामपुर समेत 4 कंटेनमेंट जोन हैं। डोईवाला और कालसी में दो-दो कंटेनमेंट जोन हैं। त्यूनी में भी एक कंटेनमेंट जोन है। अब हरिद्वार जिले का हाल जान लेते हैं। यहां रुड़की में चार इलाके सील हैं। हरिद्वार शहर में एक और भगवानपुर में दो कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। नैनीताल में कुल 43 कंटेनमेंट जोन हैं। हल्द्वानी में 38, नैनीताल में 2 और रामनगर में 2 कंटेनमेंट जोन हैं।
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पहाड़ी जिलों में भी कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़ रही है। पौड़ी के कोटद्वार में 07 इलाके सील हैं। चाकीसैंण में एक कंटेनमेंट जोन है। पौड़ी में 3 और श्रीनगर में 3 इलाके सील हैं। उत्तरकाशी में भी स्थिति बिगड़ रही है। यहां 62 कंटेनमेंट जोन हैं। भटवाड़ी में 42, बड़कोट में 10 और पुरोला में 05 इलाके सील हैं। डुंडा में 2 और जोशियाड़ा में 3 कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। ऊधमसिंहनगर जिले में 48 कंटेनमेंट जोन हैं। यहां रुद्रपुर में 36, काशीपुर में 4 और सितारगंज में 7 इलाके सील हैं। गदरपुर में एक कंटेनमेंट जोन है। चंपावत में 19 कंटेनमेंट जोन हैं। यहां टनकपुर में 12, चंपावत में 02, बनबसा में 1, लोहाघाट में 2, बाड़ाकोट और पाटी में एक-एक कंटेनमेंट जोन है। चमोली में गैरसैंण, घाट और कर्णप्रयाग में 1-1 इलाका सील है। टिहरी में 05, नरेंद्रनगर में 02 और कीर्तिनगर-घनसाली में दो इलाके सील हैं। रुद्रप्रयाग जिले में ऊखीमठ, जखोली और नगर क्षेत्र में एक-एक कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। पिथौरागढ़ जिले में मूनाकोट ब्लॉक को सील किया गया है। अल्मोड़ा में भी दो इलाके सील किए गए हैं।