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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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देहरादून: इस समय पूरा देश ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहा है। लोग ऑक्सीजन की कमी से मर रहे हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं की ओर ध्यान न देने का नतीजा देश के लोगों को भुगतना पड़ रहा है और उनकी तड़प-तड़प कर मृत्यु हो रही है। उत्तराखंड में भी ऑक्सीजन की भारी कमी है। अस्पतालों में रोजाना ऑक्सीजन की सप्लाई की जाती है मगर वह पूरी नहीं हो पाती है। कई बार ऐसे हालात उत्पन्न हुए हैं कि अस्पतालों में केवल कुछ ही घंटों की ऑक्सीजन बची है जिसके बाद आनन-फानन में ऑक्सीजन की सप्लाई करनी पड़ती है। ऑक्सीजन की कमी के बीच उत्तराखंड के अस्पतालों में लापरवाही भी हो जाती है जिसका असर सीधे तौर पर मरीजों पर पड़ता है। उत्तराखंड के एक अस्पताल में ऐसी ही एक बड़ी लापरवाही का सामना मरीजों को करना पड़ा। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में राजकीय जिला अस्पताल के कोरोनेशन अस्पताल में बीते शनिवार की रात को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। दरअसल अस्पताल परिसर के कोविड वार्ड के अंदर शनिवार की रात में ऑक्सीजन लाइन में लीकेज हो गई उसके बाद वहां पर हड़कंप मच गया और मरीजों की सांसें उखड़ने लगीं। वह तो सही समय पर डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने परिस्थिति को संभाला वरना एक बड़ा हादसा हो जाता और कई बेकसूर हो की जान चली जाती। बताया जा रहा है कि लाइन में कुछ तकनीकी दिक्कत आई थी और अब ठेकेदार की ओर से तक टेक्नीशियन को बुलाकर इश्यू सॉल्व करवाने की कोशिश की जा रही है। बता दें कि अस्पताल में 100 कंसंट्रेटर मौजूद थे जिस वजह से मरीजों को दिक्कत नहीं हुई और सही समय पर स्थिति को संभाल लिया गया.