बदरीनाथ के कपाट खुलने से पहले बड़ी खबर..बिना कोरोना जांच के हनुमान चट्टी पहुंचे कई साधु

चमोली जिले में बिना कोरोना जांच के बदरीनाथ धाम के पास हनुमान चट्टी और गोविंद घाट पर पैदल ही बड़ी संख्या में पहुंच गए साधु-संत।
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Badrinath Sadhu: Many saints reach Hanuman Chatti without investigating coronavirus
Image: Many saints reach Hanuman Chatti without investigating coronavirus

चमोली: पूरा प्रदेश इस समय कोरोना से जूझ रहा है और लगातार कई केस सामने आ रहे हैं। कई जिलों में परिस्थितियां चिंताजनक बन रही हैं। आए दिन कोरोना रफ्तार पकड़ रहा है। हाल ही में हरिद्वार जिले में कुंभ मेले का आयोजन हुआ जिसमें भारी संख्या में साधु-संत पॉजिटिव पाए गए। कुंभ से सबक लेते हुए एवं बिगड़ती हुई परिस्थितियों को देखते हुए प्रदेश सरकार ने चार धाम यात्रा को स्थगित कर दिया है। मगर इसी बीच चमोली जिले में कई साधु संत बेझिझक बढ़ते हुए कोरोना के बावजूद भी बिना जांच के बदरीनाथ धाम के पास हनुमान चट्टी और गोविंद घाट पर पहुंच चुके हैं। बताया जा रहा है कि साधु-संतों में बड़ी संख्या में वे भी शामिल है जो हाल ही में कुंभ मेले में भी शामिल हुए थे। ऐसे में बदरीनाथ धाम में भी कोरोना के फैलने का खतरा काफी अधिक बढ़ गया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब यह साधु-संत बदरीनाथ की चढ़ाई कर रहे थे तब प्रशासन ने इनको क्यों नहीं रोका। आगे पढ़िए

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पूरे मामले में प्रशासन की भी एक बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। इसी के साथ एक बड़ा सवाल यह है कि बिना कोरोना की नेगेटिव रिपोर्ट के यह साधु-संत आखिर हनुमान चट्टी और गोविंदघाट पहुंचे कैसे। जब नियम बनाए गए हैं कि बिना आरटीपीसीआर की नेगेटिव रिपोर्ट के कहीं भी एंट्री अलाउड नहीं है तो ऐसे में इतने सारे साधु-संत आखिरकार बदरीनाथ धाम कैसे पहुंचे। प्रशासन की व्यवस्था के ऊपर तमाम सवालों के बीच में चमोली के पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान ने कहा कि बदरीनाथ की यात्रा स्थगित हो रखी है मगर उन साधुओं को बदरीनाथ जाने की अनुमति दे दी जाएगी जो वहां पर पहले से ही आश्रम में रहते हैं हालांकि इसके लिए उन साधुओं को जांच करवाना अनिवार्य होगा और साधुओं को एंटीजन टेस्ट से गुजरना होगा। यात्रा के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को बदरीनाथ धाम में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

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आपको बता दें कि बदरीनाथ यात्रा को स्थगित कर दिया गया है और धाम के कपाट आने वाली 18 मई को खोले जाने हैं। संक्रमण को देखते हुए धाम में केवल चार धाम देवस्थानम बोर्ड के पदाधिकारी, रावल और तीर्थ पुरोहितों को ही जाने की अनुमति होगी और उन्हीं के द्वारा 18 मई को परम्परागत तरीके से बदरीनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे। धाम के कपाट खुलने के बाद भी श्रद्धालुओं को धाम की यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। मगर बढ़ते हुए कोविड के बीच में कई साधु- संत पैदल ही बदरीनाथ के विभिन्न पड़ाव पर पहुंच चुके हैं और ऐसा माना जा रहा है कि इनमें से कई साधु-संत हरिद्वार के कुंभ मेले में भी शामिल हुए थे। वहीं पुलिस अधीक्षक ने बताया है कि रास्ते में कई जगह पर चेक पोस्ट हैं मगर यह साधु संत वैकल्पिक पैदल मार्ग से आवाजाही कर मुख्य पड़ावों तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस प्रशासन किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं कर रहा है और चेक पोस्ट से गुजरने वाले सभी साधु-संतों का एंटीजन टेस्ट हो रहा है।