उत्तराखंड: पहाड़ में भयावह हुआ कोरोना..दो जिलों में सबसे ज्यादा संक्रमण दर

पर्वतीय जिलों की बात करें तो उत्तरकाशी और अल्मोड़ा, ये दो जिले ऐसे हैं, जहां के सैंपलों में संक्रमण दर सबसे ज्यादा है। आगे जानिए अपने जिले का हाल
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Coronavirus in uttarakhand: Highest infection rate in Uttarkashi Almora
Image: Highest infection rate in Uttarkashi Almora

अल्मोड़ा: कोरोना की दूसरी लहर प्रदेश में तूफान बनकर आगे बढ़ रही है। मैदानी जिलों के साथ पहाड़ों में भी हालत खराब है। ये तबाही न जाने कहां जाकर रुकेगी। पर्वतीय जिलों की बात करें तो उत्तरकाशी और अल्मोड़ा, ये दो जिले ऐसे हैं, जहां के सैंपलों में संक्रमण दर सबसे ज्यादा है। कुछ दिन पहले हरिद्वार में महाकुंभ का आयोजन हुआ था, तब इस जिले को कोरोना के लिहाज से ज्यादा संवेदनशील माना जा रहा था, लेकिन सच ये है कि हरिद्वार में सैंपल सबसे कम पॉजिटिव मिल रहे हैं। जबकि देहरादून और नैनीताल जैसे जिलों में स्थिति ज्यादा बिगड़ी है। यही नहीं पहाड़ी जिलों में भी कोरोना के पॉजिटिव केस 11 दिन में हरिद्वार से ज्यादा हो गए हैं। 26 अप्रैल से 7 मई तक के सैंपल टेस्टिंग के आंकड़े देखें तो नैनीताल में ये आंकड़ा 66, अल्मोड़ा में 54, चमोली में 33 और ऊधमसिंहनगर में 46 प्रतिशत को छू चुका है। जबकि हरिद्वार में जांचे गए सैंपलों में सात से 14 प्रतिशत ही पॉजिटिव पाए गए हैं।

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गढ़वाल में संक्रमण के लिहाज से उत्तरकाशी जिला सबसे संवेदनशील है। यहां 25 अप्रैल को प्रति सौ सैंपल में पॉजिटिव मिलने की दर 13 प्रतिशत थी। जो कि धीरे-धीरे बढ़कर सात मई को 48 प्रतिशत हो चुकी है। अल्मोड़ा में 26 अप्रैल तक ये दर 26 प्रतिशत थी, जो कि 7 मई को 54 प्रतिशत हो गई। देहरादून और नैनीताल जिले में स्थिति ज्यादा बिगड़ी है। सात मई को दून में प्रति सौ सैंपल पर पॉजिटिव संख्या बढ़कर 38 और नैनीताल में 66 तक पहुंच गई। वहीं रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ में स्थिति फिलहाल स्थिर है। रुद्रप्रयाग में एक मई को सैंपल का पॉजिटिव रेट 22 प्रतिशत, चार मई को 15 और सात मई को 11 प्रतिशत से थोड़ा अधिक रहा। पिथौरागढ़ में यह क्रम 20 फीसदी से शुरू होकर मौजूदा समय में 11 प्रतिशत रहा है। कोरोना संक्रमण रोकथाम सिर्फ सरकार की ही नहीं, हमारी जिम्मेदारी भी है। इसलिए हम आपसे हाथ जोड़कर अपील करते हैं, कोरोना नियमों का पालन करिए। खुद भी सुरक्षित रहिए, दूसरों को भी संक्रमण से बचाइए।