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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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हरिद्वार: कुंभ मेले के आयोजन को लेकर देश भर में चर्चा हो रही है। दुख की बात ये है कि चर्चा की वजहें अच्छी नहीं हैं। देशभर में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के लिए महाकुंभ को जिम्मेदार बताया जा रहा है। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के प्रकोप के बीच इस बात पर काफी बहस हो चुकी है कि आखिर जोखिम लेकर कुंभ मेले का आयोजन क्यों किया गया। द क्विंट की रिपोर्ट की बात करें तो 31 मार्च से 24 अप्रैल के बीच महाकुंभ के आयोजन के दौरान उत्तराखंड में कोविड संक्रमण मामलों में 18,00 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। कुंभ शुरू होने के बाद राज्य में केवल एक महीने के भीतर कोविड के 1.3 लाख केस दर्ज हुए। उत्तराखंड की आबादी ज्यादा नहीं है, ऐसे में इतनी बड़ी तादाद में लोगों का कोरोना संक्रमित मिलना बताता है कि कहीं न कहीं लापरवाही तो जरूर हुई है। उत्तराखंड में पिछले साल फरवरी-मार्च से मई के पहले हफ्ते तक तक राज्य में कुल 2.3 लाख कोरोना वायरस संक्रमण केस मिले।