देहरादून: मेंटल हॉस्पिटल में 8 मानसिक रोगियों समेत 16 लोग कोरोना पॉजिटिव

देहरादून के सेलाकुई में स्थित मानसिक अस्पताल में सीएमएस समेत 16 लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं जिनमें सहायक स्टाफ के अलावा आठ मानसिक रोगी भी शामिल हैं।
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Coronavirus in uttarakhand: 16 people are coronavirus positive in Dehradun Mental Hospital
Image: 16 people are coronavirus positive in Dehradun Mental Hospital

देहरादून: उत्तराखंड में कोरोना की दूसरी लहर कोहराम मचा रही है। राज्य सरकार और स्वास्थ्य प्रशासन अपने स्तर पर कोरोना की रोकथाम के लिए तमाम प्रयास कर रहे हैं मगर वे प्रयास विफल साबित हो रहे हैं। अस्पतालों में भी लगातार कोरोना बम फूट रहे हैं और बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी पॉजिटिव पाए जा रहे हैं। अब देहरादून के सेलाकुई अस्पताल के अंदर कोरोना बम फूट गया है। सेलाकुई में स्थित मानसिक अस्पताल में सीएमएस समेत 16 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। जी हां, इन 16 लोगों में सहायक स्टाफ के साथ आठ मानसिक रोगी भी शामिल हैं। मानसिक रोगियों के संक्रमित पाए जाने के बाद उनको किसी भी कोविड अस्पताल में भर्ती करने से इंकार कर दिया जिसके बाद सेलाकुई में स्थित राज्य मानसिक अस्पताल में ही कोविड संक्रमित मानसिक रोगियों को आइसोलेट कर दिया गया है और उनका उपचार वहीं पर चल रहा है। अस्पताल में 16 लोगों के अंदर इस वायरस की पुष्टि होने के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। संक्रमित लोगों के अंदर सीएमएस के अलावा 3 वार्ड स्टाफ 3 नर्स और एक फार्मेसिस्ट शामिल है। इसके अलावा आठ मानसिक रोगी भी संक्रमित हो गए हैं और सबसे चिंता की बात यह है कि संक्रमित मानसिक रोगियों से अन्य मानसिक रोगियों को भी संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है।

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देहरादून के सेलाकुई में स्थित मानसिक अस्पताल में कुल 30 बेड हैं और वहां पर अभी 44 मानसिक रोगी भर्ती हो रखे हैं। अस्पताल स्टाफ ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि बीते 27 अप्रैल को सीएमएस के साथ रहने वाला एक युवक कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद भी युवक लगातार अस्पताल में काम करता रहा। वहीं सीएमएस ने भी खुद को क्वॉरेंटाइन नहीं किया और वे भी लगातार ड्यूटी करते रहे। इसका अंजाम यह निकला कि अस्पताल के अंदर कोरोना बम फूट चुका है और 8 मानसिक रोगियों समेत 16 लोग अस्पताल के अंदर कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। मानसिक रोगियों को किसी भी अस्पताल में भर्ती करने से मना कर दिया है इसलिए सभी को उसी अस्पताल में आइसोलेट कर दिया गया है और सभी का वहीं पर उपचार चल रहा है। बता दें कि अस्पताल ने सभी रोगियों के लिए ऑक्सीजन का प्रबंध भी कर दिया है और साथ में सभी को दवा भी दी जा रही है। वहीं सीएमएस समेत 8 अन्य संक्रमित स्टाफ भी क्वॉरेंटाइन हो गए हैं।