कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों को बचाने के लिए उत्तराखंड के 4 जिलों में जल्द बनेंगे बच्चों के कोविड अस्पताल। केंद्र सरकार को भेजा जाएगा प्रस्ताव।
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Komal Negi
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Image: 4 Kovid hospitals to be built for children in Uttarakhand
देहरादून: पूरा देश इस समय कोरोना की दूसरी लहर से जूझ रहा है। कोरोना की दूसरी लहर के कारण जिस प्रकार के हालात उत्पन्न हो रहे हैं वो किसी से भी देखे नहीं जा रहे हैं। उपचार न मिलने के कारण लोगों की तड़प-तड़प कर मृत्यु हो रही है। इसी बीच दस्तक देने वाली है कोरोना की तीसरी लहर। जी हां, यह लहर पहले वाली दो लहरों से भी अधिक खतरनाक है। बताया जा रहा है कि अगर सावधानी नहीं बरती गई तो यह लहर पूरे देश के ऊपर कहर बरपाएगी। यह भी बताया जा रहा है कि कोरोना वायरस की यह तीसरी लहर बच्चों के लिए बेहद हानिकारक है और तीसरी लहर में बच्चों के चपेट में आने की आशंका जताई जा रही है। बात करें उत्तराखंड की तो उत्तराखंड भी वर्तमान में कोरोना की दूसरी लहर से जूझ रहा है मगर उत्तराखंड में भी तीसरी लहर जल्द ही दस्तक दे सकती है। उत्तराखंड में कोरोना वायरस की तीसरी लहर के दस्तक देने से पहले ही स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी करना शुरू कर दिया है। क्योंकि यह तीसरी लहर बच्चों के लिए घातक बताई जा रही है इसीलिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से युद्ध स्तर पर तैयारी की जा रही है ताकि प्रदेश तीसरी लहर के लिए पहले से तैयारी रखे और सभी मासूम बच्चों को इस खतरनाक लहर से बचाया जा सके।
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दूसरी लहर में जो गलतियां उत्तराखंड प्रशासन से हुई हैं उन गलतियों से सीखते हुए तीसरी लहर के लिए उत्तराखंड पहले ही तैयारियों में जुट चुका है। उत्तराखंड के चार जिलों में बच्चों के लिए कोविड अस्पताल बनाने की तैयारी चल रही है और जल्द ही इसके लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजे जाएंगे। बता दें कि उत्तराखंड के उत्तरकाशी, बागेश्वर, चमोली और चंपावत जिले में फैब्रिकेटेड कोविड अस्पताल बनाने की तैयारी की जा रही है और इन चारों जिलों के डीएम से प्रस्ताव मांगा गया है और जल्द ही इन प्रस्तावों को आगे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। इन अस्पतालों के अंदर बेड्स के साथ ही वेन्टीलेटर्स एवं अन्य जरूरी उपकरण मौजूद होंगे। स्वास्थ्य महानिदेशक तृप्ति बहुगुणा ने बताया है कि उत्तराखंड के चमोली, बागेश्वर, उत्तरकाशी और चंपावत जिले में फैब्रिकेटेड कोविड अस्पताल बनाने की तैयारी की जा रही है और जल्द ही इसके लिए प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाएगा।
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डॉक्टर तृप्ति बहुगुणा ने बताया कि सभी सीएमओ को आदेश दे दिए हैं कि इस लहर से बच्चो को बचाने के लिए और उनके इलाज के लिए इन अस्पतालों की राज्य में सख्त जरूरत है और इसके लिए उन्होंने चारों जिलों के डीएम को तत्काल रुप से प्रस्ताव बनाकर भेजने के निर्देश दे दिए हैं।सीएमओ डॉक्टर भागीरथी जोशी ने बताया कि इन अस्पतालों में 50 से 100 बेड होंगे और अस्पतालों के लिए स्थान का चयन भी जल्द ही कर लिया जाएगा। उत्तराखंड में कोरोना की दूसरी लहर के बीच में तीसरी लहर जल्द ही दस्तक दे सकती है और इसके लिए स्वास्थ्य विभाग और उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग सतर्क हो गया है। हाल ही में कोविड की तीसरी लहर से बच्चों को बचाने के लिए उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की ओर से वर्चुअल बैठक आयोजित की गई जिसमें इस निर्णय पर सहमति बनी। प्रदेश के 4 जिलों में अब तक 112 बच्चे संक्रमित हुए हैं। उनके अंदर नवजात शिशु के साथ ही 2 साल के बच्चे भी शामिल हैं। ऐसे में उत्तराखंड के अंदर बच्चों को तीसरी लहर से बचाने के लिए युद्धस्तर पर तैयारी की जा रही है।