Advertisement
हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
Example Ads Media
पौड़ी गढ़वाल: कोरोना संक्रमण के मामले में पहाड़ी जिलों ने मैदानी जिलों को भी पीछे छोड़ दिया है। राज्य में दो जिले ऐसे हैं, जहां के लोगों को सबसे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। संक्रमण की दृष्टि से इन जिलों में रहने वाला हर तीसरा व्यक्ति कोरोना संक्रमित मिल रहा है। ये जिले हैं पौड़ी गढ़वाल और नैनीताल। यहां कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े हैं। हर दिन न सिर्फ कोरोना के सैकड़ों नए केस मिल रहे हैं, बल्कि कई लोगों की जान भी जा रही है। अब इन जिलों में बिगड़ते हालात को देखते हुए हर व्यक्ति को आइवरमेक्टिन की गोली तीन दिन तक दिन में दो बार खिलाने का निर्णय लिया गया है। ताकि कोरोना संक्रमण की दर को बढ़ने से रोका जा सके। राज्य की एक्सपर्ट कमेटी के चेयरमैन प्रो. हेमचंद्रा ने बताया कि कोरोना संक्रमण की दर नैनीताल जिले में 40 और पौड़ी जिले में 42 फीसदी तक पहुंच गई है। इससे साफ है कि राज्य की बड़ी आबादी संक्रमण की चपेट में है। आइवरमेक्टिन इलाज और बचाव दोनों में कारगर है, इसलिए प्रदेशवासियों को आइवरमेक्टिन की दवा का सेवन कराने की सिफारिश की गई है।