ऋषिकेश में तेजी से फैल रहा कोरोना संक्रमण..हर छठा सैंपल मिल रहा है पॉजिटिव

शहर में तो लोग फिर भी किसी तरह जांच करा ले रहे हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में जांच के नाम पर सिर्फ थाना परिसरों में एंटीजन जांच की जा रही है। यहां आबादी के हिसाब से सैंपलिंग बढ़ाने की जरूरत है।
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Rishikesh News: Coronavirus infection in Rishikesh
Image: Coronavirus infection in Rishikesh

ऋषिकेश: प्रदेश में कोरोना के केस घटने लगे हैं। वैसे तो ये राहत वाली खबर है, लेकिन इस बीच स्वास्थ्य विभाग पर जांचें कम करने के आरोप भी लग रहे हैं। इन दिनों पहाड़ में बुखार से बुरे हाल हैं। लोग बुखार और खांसी-जुकाम से पीड़ित होकर जान गंवा रहे हैं, ऐसे में इन क्षेत्रों में सैंपलिंग बढ़ाई जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा हो नहीं रहा। ऋषिकेश में भी यही हाल है। यहां कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े हैं। आरटीपीसीआर जांच के लिए लिया गया हर छठा सैंपल पॉजिटिव मिल रहा है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग सैंपलिंग नहीं बढ़ा रहा है। जांच न होने की वजह से कोरोना पॉजिटिव मरीज समय रहते आइसोलेट नहीं हो पा रहे, जिससे संक्रमण और तेजी के साथ फैल रहा है। कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यहां सैंपलिंग बढ़ाए जाने की जरूरत महसूस की जा रही है। फिलहाल ऋषिकेश में कोरोना की आरटीपीसीआर जांच के लिए चार सेंटर बनाए गए हैं। क्षेत्र के एसपीएस राजकीय चिकित्सालय, मुनिकीरेती, नगर निगम और राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय लक्ष्मणझूला में आरटीपीसीआर जांच की सुविधा है। आगे पढ़िए

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चारों केंद्रों में हर दिन औसतन 1122 लोगों के सैंपल लिए जा रहे हैं। जिनमें से औसतन 180 सैंपल पॉजिटिव मिल रहे हैं। शहर में तो लोग फिर भी जांच करा ले रहे हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में जांच के नाम पर सिर्फ थाना परिसरों में एंटीजन जांच की जा रही है। कोरोना की पहली लहर में कोविड संक्रमितों की संख्या कम थी, लेकिन दूसरी लहर में कम्युनिटी स्प्रेड के चलते केस लगातार बढ़ रहे हैं। पिछले साल के मुकाबले इस साल संक्रमण की दर पांच गुना तक बढ़ गई है। हाल ये है कि ऋषिकेश में आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल देने वाले हर छठे व्यक्ति में कोरोना की पुष्टि हो रही है। विशेषज्ञों ने क्षेत्र में जनसंख्या के हिसाब से रोजाना दो हजार तक सैंपलिंग करने की जरूरत बताई है, ताकि संक्रमण रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकें। बात करें कोरोना मामलों की तो उत्तराखंड में बीते 24 घंटे में 4496 संक्रमित मरीज सामने आए हैं, जबकि 188 मरीजों की मौत हुई है। पहाड़ी जिलों में स्थिति लगातार बिगड़ रही है, यहां सैंपलिंग बढ़ाए जाने की जरूरत है, ताकि समय रहते संक्रमण की रोकथाम की जा सके।