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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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देहरादून: कोरोना की पहली लहर में बुजुर्ग निशाना बने। दूसरी लहर में युवाओं में संक्रमण का प्रसार हुआ। जानकारों के अनुसार तीसरी लहर में सबसे ज्यादा खतरा बच्चों को होगा। उत्तराखंड में अभी से इसके संकेत मिलने लगे हैं। यहां सिर्फ बुजुर्ग और जवान ही नहीं मासूम बच्चे भी कोरोना संक्रमण का शिकार बन रहे हैं। प्रदेश में बीते 15 दिनों के भीतर 1700 बच्चे कोरोना की चपेट में आए हैं। पूरे कोविड काल की बात करें तो प्रदेश में अब तक 5151 बच्चे संक्रमित हो चुके हैं। ये आंकड़ा सचमुच डराने वाला है। अपने बच्चों को कोरोना संक्रमित होकर तड़पते देखने से बद्तर कुछ और नहीं हो सकता। कोरोना संक्रमण के लिहाज से मई महीना अब तक सबसे ज्यादा मुश्किल भरा रहा है। मई में न सिर्फ कोरोना संक्रमण के मामले बढ़े, बल्कि मौत के मामलों में भी तेजी आई है। चिंता इस बात की है कि कोरोना की जद में बुजुर्ग और व्यस्क ही नहीं बच्चे भी आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 से 15 मई तक प्रदेश में 0 से 9 आयु वर्ग के 1700 बच्चे कोरोना संक्रमित पाए गए। इससे आप हालात की गंभीरता का अंदाजा लगा सकते हैं। आगे पढ़िए