कोरोना संक्रमण रोकथाम के लिए प्रदेश के 13 जिलों में 561 इलाके कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। यहां प्रशासन के अगले आदेश तक पाबंदियां लागू रहेंगी।
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Komal Negi
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Image: Uttarakhand Containment Zone May 19
देहरादून: कोरोना की दूसरी लहर ने शहर से लेकर गांवों तक जमकर कहर बरपाया है। हर दिन हजारों की तादाद में लोग कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं। संक्रमण रोकथाम के लिए प्रदेश के 13 जिलों में 561 इलाके सील किए गए हैं। देहरादून में 116 कंटेनमेंट जोन हैं। यहां शहर में 73 इलाके सील हैं। जबकि विकासनगर में 9 कंटेनमेंट जोन हैं। ऋषिकेश में 4 कंटेनमेंट जोन हैं। डोईवाला में 10, कालसी में 5, त्यूनी में 6 और चकराता में 9 कंटेनमेंट जोन हैं।
अब हरिद्वार जिले का हाल जान लेते हैं। यहां रुड़की में 6 इलाके सील हैं। हरिद्वार शहर में 37 कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। लक्सर में 4 कंटेनमेंट जोन हैं।
नैनीताल में कुल 55 कंटेनमेंट जोन हैं। हल्द्वानी में 45, नैनीताल में 3 और रामनगर में 2 कंटेनमेंट जोन हैं।
पहाड़ी जिलों में पौड़ी के कोटद्वार में 12 इलाके सील हैं। चाकीसैंण में एक कंटेनमेंट जोन है। पौड़ी में 3 और श्रीनगर में 2 इलाके सील हैं। सतपुली में एक और लैंसडौन में 2 कंटेनमेंट जोन हैं।
उत्तरकाशी में 93 कंटेनमेंट जोन हैं। भटवाड़ी में 24, बड़कोट में 28 और पुरोला में 17 इलाके सील हैं। जोशियाड़ा में 1 और चिन्यालीसौड़ में 9 कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। मोरी में 11 और डुंडा में 3 कंटेनमेंट जोन हैं।
ऊधमसिंहनगर जिले में 70 कंटेनमेंट जोन हैं। यहां रुद्रपुर में 27, गदरपुर में 28 और किच्छा में एक कंटेनमेंट जोन है। खटीमा में 8, सितारगंज में 5 और काशीपुर में 1 कंटेनमेंट जोन है। आगे पढ़िए
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चंपावत में 34 कंटेनमेंट जोन हैं। यहां टनकपुर में 15, चंपावत में 12, लोहाघाट में 4, बाड़ाकोट में दो और पाटी में एक कंटेनमेंट जोन है।
चमोली के घाट में 2, कर्णप्रयाग में 3, पोखरी में 3 और जोशीमठ में 4 कंटेनमेंट जोन हैं। गैरसैंण में 3 और नारायणबगड़ में एक कंटेनमेंट जोन है।
टिहरी में 17, कीर्तिनगर में 9 और घनसाली में 5 इलाके सील हैं। कंडीसौड़ में 6, देवप्रयाग में 4, जाखणीधार में 4, प्रतापनगर में 3 और धनौल्टी में 4 कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। नरेंद्रनगर में 2 कंटेनमेंट जोन हैं।
रुद्रप्रयाग जिले में ऊखीमठ में 4 और नगर क्षेत्र में 15 कंटेनमेंट जोन बने हैं। जखोली में 4 और बसुकेदार में एक कंटेनमेंट जोन है।
पिथौरागढ़ जिले में 9 इलाकों को सील किया गया है। जबकि अल्मोड़ा में 20 और बागेश्वर जिले में 2 कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं।