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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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चम्पावत: राज्य में कोरोना का खौफ अपने चरम पर है। लोग लगातार कोरोना संक्रमित हो रहे हैं। संक्रमण की चपेट में आने से अधिकांश लोगों को अस्पताल ले जाने की नौबत आ रही है। ऑक्सीजन का लेवल गिरने से लोगों की मृत्यु हो रही है। मगर इस महामारी को जज्बे एवं हौसले से जीता जा सकता है। डॉक्टरों का यह भी कहना जा कि कोरोना का खौफ शारीरिक रूप से ज्यादा मानसिक है। आसपास की तमाम बुरी खबरें सुनकर लोग डर रहे हैं। अधिक उम्र वालों के लिए कोरोना वायरस खतरनाक बताया गया है। मगर जिनमें इच्छाशक्ति और जीने की अभिलाषा होती है वे मौत को भी मात दे कर वापस लौट आते हैं। कोरोना की यह लड़ाई तन से अधिक मन से है और अगर मन स्थिर है तो यह लड़ाई मुश्किल नहीं बल्कि आसान हो जाती है। लोग हिम्मत और जज्बे के बलबूते पर इस वायरस के खिलाफ जंग जीत रहे हैं। केवल जवान ही नहीं बल्कि बुजुर्ग लोग भी इच्छाशक्ति के कारण इस वायरस को हरा रहे हैं। आज हम एक ऐसी ही पॉजिटिव खबर लेकर आए हैं। चंपावत की 72 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने कोरोना से जंग जीत ली है। ऑक्सीजन लेवल बेहद कम होने के बावजूद भी उन्होंने कोरोना को मात दे दी है और पूर्णत: स्वस्थ हो गई हैं।