उत्तराखंड: वैज्ञानिकों का दावा, महाकुंभ से फैला कोरोना संक्रमण..संतों ने शोध को बताया गलत

जीव वैज्ञानिकों ने कोरोना संक्रमण के प्रसार के लिए कुंभ मेले को जिम्मेदार बताया है। हालांकि संतों का कहना है कि शोध गलत है, संतों ने जीव वैज्ञानिकों के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।
Advertisement 90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स

प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

Example Ads Media
Coronavirus in uttarakhand: Coronavirus spread due to kumbh says report
Image: Coronavirus spread due to kumbh says report

देहरादून: कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के प्रकोप के बीच इस बात पर काफी बहस हो चुकी है कि आखिर जोखिम लेकर कुंभ मेले का आयोजन क्यों किया गया। महाकुंभ को देशभर में कोरोना की दूसरी लहर के लिए जिम्मेदार बताया जा रहा है। हरिद्वार स्थित गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग के वैज्ञानिकों ने भी शोध करने के बाद यह दावा किया है कि कुंभ मेला हरिद्वार कोरोना संक्रमण के प्रसार के लिए जिम्मेदार रहा, हालांकि संतों ने जीव वैज्ञानिकों के इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। कोरोना संक्रमण में तेजी के लिए महाकुंभ को जिम्मेदार बताने वाले वैज्ञानिक रमेश चंद्र दुबे गुरुकुल कांगड़ी यूनिवर्सिटी में सूक्ष्म जीव विज्ञान पढ़ाते हैं। वैज्ञानिक रमेश चंद्र का कहना है कि कुंभ मेले में श्रद्धालु और साधु-संत बड़ी संख्या में आए। इसके साथ ही कई राज्यों में चुनाव भी हुए। इसमें भारी भीड़ जुटी। सरकार की गाइडलाइन का पालन नहीं किया गया, जिसकी वजह से कोरोना महामारी बड़े पैमाने पर फैली।

यह भी पढ़ें - अभी अभी: उत्तराखंड में आज 3050 लोग कोरोना पॉजिटिव, 53 लोगों की मौत..6173 लोग स्वस्थ
महाकुंभ से लौटे लोगों ने दूसरे प्रदेश में जाकर भी कोरोना संक्रमण फैलाया। वैज्ञानिकों के अनुसार कोरोना वायरस का थर्मल डेथ पॉइंट और थर्मल स्टेबिलिटी पॉइंट अलग-अलग है। जब वातावरण शुष्क होगा, तब यह संक्रमण कम जीवित रह सकता है। इसके विपरीत पानी, नमी और कम तापमान में यह संक्रमण 25-28 दिन तक जीवित रह सकता है। कुंभ मेले में गंगा तट पर जुटे लाखों लोगों की मौजूदगी से कोरोना को जीवित मानव शरीर मिला और वह फैलता ही चला गया। वहीं जीव वैज्ञानिकों के दावे को संतों ने सिरे से नकार दिया है। संतों का कहना है कि कुंभ मेले में यज्ञ-हवन अनुष्ठान किए जाते हैं। हवन करने से वातावरण शुद्ध होता है। हवा में जितने भी कीटाणु होते हैं, वह नष्ट हो जाते हैं। कुंभ से महामारी नहीं फैली। वहीं इस मामले को लेकर मीडियाकर्मियों ने जब पूर्व कैबिनेट मंत्री और वर्तमान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक की राय जाननी चाही, तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। राज्य सरकार के मंत्री-विधायक इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं।