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भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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देहरादून: उत्तराखंड में कोरोना हाहाकार मचा रहा है। दूसरी लहर अबतक कई लोगों की जान चुकी है। उत्तराखंड के शिक्षकों के ऊपर यह वायरस कहर बरसा रहा है। राज्य के कई शिक्षक भी इस वायरस की चपेट में आ गए हैं और कई शिक्षकों की जान इस महामारी के चलते चली गई है। इसी बीच एक दुखद खबर देहरादून जिले से सामने आ रही है जहां पर एक परिवार के ऊपर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। देहरादून में पिता की तेहरवीं के दिन ही एक शिक्षक ने दम तोड़ दिया। जी हां, जिस दिन उनके पिता की तेहरवीं हुई ठीक उसी दिन कोरोना से जूझ रहे शिक्षक की भी मृत्यु हो गई जिसके बाद से उनके परिवार में हड़कंप मचा हुआ है। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि पिता के बाद महज 13 दिन में पुत्र की अर्थी भी घर से उठेगी। कोरोना के खिलाफ जंग हारने वाले शिक्षक की पहचान 43 वर्षीय पंकज सकलानी के रूप में हुई है जो कि मूल रूप से डोईवाला के रहने वाले थे। पंकज सकलानी 43 वर्ष की आयु में चकराता में अपनी सेवाएं दे रहे थे। आगे पढ़िए