उत्तराखंड के लिए ‘काला महीना’ बना मई..सबसे ज्यादा मृत्यु दर के मामले में टॉप थ्री में शामिल

बीता मई कोरोना के लिहाज से उत्तराखंड समेत दिल्ली और पंजाब के लिए बेहद कठिन रहा। मई के महीने में दिल्ली, उत्तराखंड और पंजाब में सबसे अधिक मृत्यु दर दर्ज हुई है।
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Coronavirus in uttarakhand: coronavirus death rate in uttarakhand in may month
Image: coronavirus death rate in uttarakhand in may month

देहरादून: देश भर में कोरोना की रफ्तार कम हुई है मगर बीते 2 महीने राज्य के लिए बहुत ही खतरनाक साबित हुए हैं। खासकर कि मई का महीना देश के कई बेकसूर लोगों की जान ले चुका है। मई ऐसा महीना था जिसमें कोरोना के केस अपने चरम पर थे। लोग तेजी से संक्रमित हो रहे थे। संक्रमण दर तेजी से बढ़ रही थी। एक ओर लोग इस वायरस की चपेट में आ रहे थे तो वहीं दूसरी ओर लोग तेजी से इस वायरस के खिलाफ जिंदगी की जंग हार गए और उनकी मृत्यु हो गई। मई में देश के अंदर संक्रमित दर के साथ-साथ मृत्यु दर भी तेजी से बढ़ा है। स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का खामियाजा देश के कई लोगों को अपनी जान देकर चुकाना करना पड़ा। उत्तराखंड में भी कुछ ऐसा ही हाल देखने को मिला। बीता महीना उत्तराखंड के लिए बेहद मुश्किल साबित हुआ। मृत्यु दर में बढ़ोतरी होने से स्वास्थ्य विभाग समेत राज्य सरकार के भी हाथ-पांव फूल गए थे। बीते मई में उत्तराखंड समेत दिल्ली और पंजाब पर कोरोना कहर बनकर टूटा है। आप ये जानकर चौक जायेंगे कि मई के महीने में दिल्ली, उत्तराखंड और पंजाब में सबसे अधिक मृत्यु दर दर्ज हुई है। मई में दिल्ली में मृत्यु दर 2.9 फ़ीसदी रहा और उत्तराखंड और पंजाब दोनों राज्यों में मई में मृत्यु दर 2.7 फ़ीसदी रही। वहीं राष्ट्रीय औसत वृद्धि दर 1.3 फीसदी रही। उत्तराखंड, पंजाब और दिल्ली इन तीनों का मई में मृत्यु दर देश के औसत मृत्यु दर से तकरीबन 2 गुना रहा जो अपने आप में ही चिंताजनक हालात की तरफ इशारा करता है।

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कोरोना के लिहाज से मई का महीना सबसे त्रासद रहा। मई में देश के 1,19,183 मरीजों की मृत्यु हुई और यह आंकड़ा भारत का ही नहीं बल्कि दुनिया में किसी भी देश में हुई मौतों के आंकड़े से काफी अधिक है। दिल्ली में पिछले महीने 8090 मौतें दर्ज हुईं और तकरीबन 2.8 लाख कोरोना के मामले सामने आए जिसके कारण दिल्ली की मृत्यु दर 2.9 तक पहुंच गई। वहीं उत्तराखंड में पिछले महीने 59 प्रतिशत मौतें दर्ज हुई। उत्तराखंड में पिछले महीने की मृत्यु दर 2.7 रही। पंजाब का भी यही हाल था। यह आंकड़े दूसरी लहर में होने वाली त्रासदी के हैं। अगर हम संख्या के लिहाज से देखें तो महाराष्ट्र में मई के महीने में सबसे अधिक मौतें हुई हैं। महाराष्ट्र में मई के महीने में 26,531 मरीजों की जान गई जिसके बाद कर्नाटक में 13,532 और तमिलनाडु में 10,186 मरीज कोरोना के खिलाफ जंग हार गए