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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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देहरादून: विधानसभा चुनाव करीब हैं। अब थोड़ा ही वक्त बाकी रह गया है, ऐसे में प्रदेश में कांग्रेस के सबसे बड़े चेहरे हरीश रावत को उत्तराखंड में सक्रिय रहना चाहिए, लेकिन पंजाब में मचा घमासान उन्हें यहां लौटने नहीं दे रहा। बीते दिन नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। पंजाब में हो रही राजनीतिक उथल-पुथल का असर उत्तराखंड में भी दिख रहा है। प्रदेश में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। कांग्रेस की चुनाव अभियान समिति का जिम्मा हरीश रावत के पास है, लेकिन पंजाब में चल रहे गतिरोध की वजह से हरीश रावत उत्तराखंड में पूरा समय नहीं दे पा रहे। पंजाब के घटनाक्रम की वजह से वो हाल ही में राज्य में पार्टी द्वारा शुरू की गई परिवर्तन यात्रा को भी पूरा समय नहीं दे पाए। इससे उत्तराखंड में पार्टी की चुनावी तैयारियों पर असर पड़ रहा है। दरअसल पूर्व सीएम हरीश रावत पंजाब और उत्तराखंड में अहम दायित्व संभाल रहे हैं।