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Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
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देहरादून: पंजाब में सियासी गलियारों में हलचल मच रखी है। पंजाब की राजनीति ने इस समय पूरे देश में तहलका मचा दिया है। पंजाब कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू का पद से इस्तीफा देना, कैप्टन अमरिंदर सिंह की जगह चन्नी को मुख्यमंत्री पद की कमान सौंपना, अमरिंदर सिंह का बाहरी पार्टियों में मौके तलाशने और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करना सीधा-सीधा यह दर्शाता है कि पंजाब में कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ चुकी हैं। पंजाब में चल रहे घमासान युद्ध के अंदर हरीश रावत एक अहम भूमिका निभाते हुए नजर आ रहे हैं और सभी पक्षों के बीच में सामंजस्य बिठाते हुए भी नजर आ रहे हैं। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत ने कहा कि पार्टी पंजाब की सियासत का रुख तय कर चुकी है। अब आगे सिद्धू को खुद निर्णय करें कि उन्हें क्या करना है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत ने मीडिया से की गई बातचीत में कहा कि पंजाब का मसला पांच-छह दिन में सुलझ जाएगा। कुल मिलाकर हरीश रावत कांग्रेस में पैदा हो रही बुरी स्थिति और चुनौतियों को सुलझाने की कोशिश में लगे हुए हैं।