हरदा पर हरक का वार, कहा-‘मुझे फंसाने के लिए महिलाओं का इस्तेमाल किया गया’

कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि हरीश रावत ने उन पर व्यक्तिगत चरित्र हनन के आरोप लगवाने तक का षड्यंत्र रचा था।
Advertisement Triyuginarayan - World’s Most Divine Wedding Destination

Couples are choosing the sacred land of Lord Shiva’s wedding to begin their own love stories.

Example Ads Media
Harak singh rawat harish rawat: Harak singh rawat slammed harish rawat
Image: Harak singh rawat slammed harish rawat

देहरादून: बीते दिनों पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य और नैनीताल से विधायक रहे उनके बेटे संजीव आर्य की कांग्रेस में वापसी हो गई। इसके बाद से ही पिछली हरीश रावत सरकार से बगावत कर बीजेपी का दामन थामने वाले विधायकों और नेताओं की घर वापसी को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं। एक तरफ बागियों की वापसी से कांग्रेस खुद को मजबूत स्थिति में पा रही है तो वहीं पूर्व सीएम हरीश रावत बागियों से अब भी नाराजगी पाले हुए हैं। पिछले दिनों उन्होंने बागियों की वापसी पर हमला बोलते हुए कहा कि मेरी सरकार गिराने वाले महापापी हैं। अब उनके बागियों को पापी और अपराधी की संज्ञा दिए जाने वाले बयान पर कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने करारा पलटवार किया है। उन्होंने हरीश रावत पर गंभीर आरोप लगाए। हरक सिंह रावत बोले की हरीश रावत ने उन्हें हर तरह से फंसाने की कोशिश की।

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड आपदा के बाद ये हाल, केदारनाथ में 50 रूपये की थाली का रेट 500!
मार्च 2016 के घटनाक्रम के बाद हरीश रावत करीब 8 महीने सीएम रहे। तब सीएम ने उनके दफ्तर पर खुद ताला लगाया। सहसपुर की जमीन की एसआईटी जांच कराई। अगर मैं कहीं भी गलत होता तो हरीश रावत मुझे जेल में डलवा देते। हरक ने कहा कि महिलाओं के जरिए उन पर चरित्र हनन के आरोप लगाने का षड्यंत्र भी रचा गया। राजनीति में बदले की भावना में कोई इतना नीचे गिरकर इस तरह के षड्यंत्र करे तो यह ठीक नहीं है। हरक ने कहा कि जब संघर्ष की गाथा लिखी जाएगी तो उनका योगदान भी कमतर नहीं है। विकास के मामले में उन्होंने कभी कोई भेदभाव नहीं किया। न कभी गढ़वाल व कुमाऊं की भावना को मन में आने दिया। 4 जिले और 8 तहसीलें बनवाईं। हरीश रावत ने उन पर व्यक्तिगत चरित्र हनन के आरोप लगवाने तक के लिए षड्यंत्र रचा था। इस तरह का आदमी अगर हमें पापी और अपराधी कहता है तो दुख होता है। आपको बता दें कि साल 2016 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल होने वाले विधायकों में हरक सिंह रावत भी शामिल थे। हरीश रावत सरकार को गिराने में हरक ने मुख्य भूमिका निभाई थी।