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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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देहरादून: पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत। उत्तराखंड की राजनीति के दो प्रमुख चेहरे। पिछले दिनों इन दोनों के बीच हुई जुबानी जंग खूब चर्चा में रही। यशपाल आर्य की कांग्रेस में दोबारा वापसी के बाद कांग्रेस नेता हरीश रावत ने उनकी सरकार गिराने वालों को अपराधी और महापापी बताया। कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत भी कहां चुप रहने वाले थे। उन्होंने भी हरीश रावत पर गंभीर आरोप लगाए। कहा कि हरीश रावत उन्हें फंसाना चाहते थे। अब इस जुबानी जंग में एक ट्विस्ट आ गया है। पिछले दिनों हरक सिंह रावत ने हरीश रावत को अपना बड़ा भाई बताते हुए कहा कि वह चाहे मुझे जो बोल दें, मैं बुरा नहीं मानूंगा। उनकी हर बात आशीर्वाद है। बड़े भाई हरीश के चरणों में नतमस्तक हूं। इस तरह हरक के बदले सुरों ने उत्तराखंड की राजनीति में सियासी गर्माहट पैदा कर दी है।