हरीश रावत ने कहा कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो दो साल के भीतर नए जिले बनाएगी। उन्होंने कांग्रेस संगठन से इस मुद्दे को घोषणापत्र में शामिल करने की अपील भी की।
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Komal Negi
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Image: Harish rawat speaks about 9 new districts in uttarakhand
देहरादून: पंजाब की जिम्मेदारी से मुक्त होने के बाद पूर्व सीएम हरीश रावत उत्तराखंड में पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष पूर्व सीएम हरीश रावत सोशल मीडिया के जरिए लोगों से जुड़े हुए हैं, साथ ही पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने के लिए हर जतन कर रहे हैं। गुरुवार सुबह उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए नए जिले बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो दो साल के भीतर नए जिले बनाएगी। दो साल के भीतर ही नए जिलों पर काम पूरा कर लिया जाएगा। कांग्रेस ने जिन क्षेत्रों को जिला बनाने की बात कही है, उनके बारे में भी बताते हैं। हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए कहा कि डीडीहाट, रानीखेत और पुरोला के लोग अपने जिलों के लिए काफी व्यग्र हैं। अपने जिलों को लेकर कोटद्वार, नरेंद्रनगर, काशीपुर, गैरसैंण, बीरोंखाल और खटीमा के लोगों में भी उम्मीद है। इन क्षेत्रों को जिले का स्वरूप देना आवश्यक है।
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इस तरह पूर्व सीएम ने नये जिलों का दांव चलकर इन क्षेत्रों की जनता को साधने का प्रयास शुरू कर दिया है। हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस सरकार में वर्ष 2016 में इन जिलों के गठन के लिए सौ करोड़ की व्यवस्था की गई थी, लेकिन राजनीतिक दबावों के चलते ये जनपद अस्तित्व में नहीं आ पाये। नए जिलों पर रावत ने बीजेपी को भी घेरा है। उन्होंने कहा कि अगर नए जिलों को लेकर वर्तमान सरकार कोई निर्णय नहीं लेती है तो कांग्रेस सरकार में आने पर जिलों की घोषणा के लिए चुनावी साल का इंतजार नहीं करेगी। अंतिम वर्ष में किसी जिले को खोलना राजनैतिक बेमानी भी है। आप आने वाली सरकार के लिए वह काम सौंप देते हैं तो कांग्रेस इस काम को सत्ता में आने के 2 वर्ष के अंदर पूरा कर देगी, ताकि प्रशासनिक व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चल सकें। हरीश रावत ने कांग्रेस संगठन से घोषणापत्र में इस बिंदु पर जरूर विचार-विमर्श करने की अपील भी की है।