Advertisement
ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
देहरादून: उत्तराखंड में चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है। इस वक्त हरक सिंह रावत पर सभी की निगाहें। आपको मालूम होगा कि हरक सिंह रावत को मनाने के लिए बीजेपी आलाकमान ने उनके राजनीतिक गुरु कहे जाने वाले विजय बहुगुणा को भेजा था। लेकिन अब लग रहा है कि विजय बहुगुणा से हरक सिंह की बातचीत सफल नहीं हो पाई है। हरक सिंह रावत ने आज बयान देते हुए साफ तौर पर कहा कि उनकी ना कोई नाराजगी है और ना ही कोई कहीं जा रहा है। हरक सिंह रावत ने साफ तौर पर कहा की उन्होंने एक बात विजय बहुगुणा को जरूर कही कि पूरे साढे 4 साल तो आप चाय पीने हमारे पास आए नहीं। हरक सिंह रावत के बयान से साफ तौर पर लगता है की हरक सिंह रावत अब विजय बहुगुणा की बातों को बहुत ज्यादा तवज्जो देने वालों में से नहीं है। उधर सूत्र बताते हैं उमेश शर्मा काऊ भी विजय बहुगुणा के प्रभाव में बहुत ज्यादा अब नहीं है। साफ है भले ही विजय बहुगुणा यहां पर भाजपा के संकटमोचक बनने की कोशिश करने आए हो लेकिन उम्मीद कम है। ये नहीं लग रहा कि हरक सिंह रावत बहुगुणा की बात मानेंगे।
यह भी पढ़ें - हरदा का चुनावी शिगूफा, कांग्रेस सरकार बनी तो उत्तराखंड में बनेंगे 9 नए जिले