टिहरी के बाद उत्तरकाशी में घपलेबाजी, दो जिलों की ट्रेजरी में 2 करोड़ 84 लाख का गबन

टिहरी में हुए गबन के खुलासे के बाद दूसरे जिलों के कोषागार भी रडार पर हैं। उत्तरकाशी के कोषागार में भी सरकारी धन को ठिकाने लगाने का मामला सामने आया है।
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Treasury Scams: Three Back to Back Scams in the Treasuries of Uttarakhand
Image: Three Back to Back Scams in the Treasuries of Uttarakhand

उत्तरकाशी: पिछले दिनों टिहरी और नरेंद्रनगर के कोषागार में हुए घपले का मामला खूब सुर्खियों में रहा। यहां काम करने वाले कुछ कर्मचारी मृत पेंशनरों की पेंशन डकार रहे थे। दो करोड़ 42 लाख के गबन के मामले में कुल 7 आरोपी पकड़े गए हैं। टिहरी में हुए इस खुलासे के बाद दूसरे जिलों के कोषागार भी रडार पर हैं। इसी कड़ी में सीमांत जिले उत्तरकाशी के कोषागार में भी सरकारी धन को ठिकाने लगाने का मामला सामने आया है। एक तत्कालीन सहायक कोषाधिकारी समेत तीन कर्मचारियों पर करीब 42 लाख रुपये के गबन का आरोप है। इस मामले में सहायक कोषाधिकारी विजेंद्र लाल शाह ने तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। बता दें कि टिहरी और नरेंद्रनगर कोषागार में गबन का मामला सामने आने के बाद दिसंबर महीने में शासन ने सभी कोषागारों में जांच के आदेश दिए थे। उत्तरकाशी में भी जांच शुरू हुई, जिसमें 42 लाख का घपला सामने आया है। उत्तरकाशी के कोषागार में साल 2017 से लेकर सितंबर 2021 तक कुछ मृतक पेंशनरों की पेंशन निकाली गई। इसके लिए कोषागार के कंप्यूटरों में गड़बड़ी की गई। आगे पढ़िए...

जांच में पता चला कि पेंशन की धनराशि कोषागार के तीन कर्मचारियों ने अपने खाते में ट्रांसफर की। इस दौरान करीब 42 लाख रुपये ठिकाने लगाए गए। घपला पकड़ में आने पर वरिष्ठ कोषाधिकारी बालकराम बासवान ने इसे लेकर सहायक कोषाधिकारी को मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद आरोपी तत्कालीन सहायक कोषाधिकारी धर्मेंद्र शाह, सहायक लेखाकार महावीर नेगी और आरती निवासी ल्वारखा कमांद टिहरी गढ़वाल के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। आरोपी धर्मेंद्र शाह वर्तमान में उप कोषागार डुंडा में तैनात है। तीनों आरोपी मृतक पेंशनरों को जिंदा बताकर उनकी पेंशन अपने खातों में ट्रांसफर कर रहे थे। तहरीर के अनुसार आरोपी आरती के खाते में करीब 25 लाख, महावीर नेगी के खाते में 5.80 लाख और धर्मेंद्र शाह के खाते में 12.70 लाख रुपये ट्रांसफर हुए। फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। वरिष्ठ कोषाधिकारी बालकराम बासवान ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। साथ ही तीनों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही भी की जाएगी।